UP: गर्मियों के मौसम में कुल्फी और फालूदा हर किसी की पहली पसंद होते हैं। उत्तर प्रदेश के कई शहर अपने खास स्वाद के लिए जाने जाते हैं, लेकिन कुछ जगहें ऐसी हैं जहां का फालूदा चखने के लिए लोग दूर-दूर से आते हैं। यह ठंडी मिठा
UP: गर्मियों के मौसम में कुल्फी और फालूदा हर किसी की पहली पसंद होते हैं। उत्तर प्रदेश के कई शहर अपने खास स्वाद के लिए जाने जाते हैं, लेकिन कुछ जगहें ऐसी हैं जहां का फालूदा चखने के लिए लोग दूर-दूर से आते हैं। यह ठंडी मिठाई करीब 400 साल पहले ईरान से भारत पहुंची थी, जिसका स्वाद मुगल काल से ही मशहूर है।
फालूदा का इतिहास और मुगल कनेक्शन क्या है
फालूदा की शुरुआत फारस यानी आज के ईरान में हुई थी। 16वीं से 18वीं शताब्दी के बीच यह मिठाई मध्य एशियाई व्यापारियों और राजवंशों के जरिए मुगल साम्राज्य तक पहुंची। मुगल बादशाह जहांगीर को ईरानी खाने बहुत पसंद थे और उनमें फालूदा उनका सबसे पसंदीदा था। तब से यह मिठाई भारत के शाही खान-पान का हिस्सा बन गई।
UP के किन शहरों का फालूदा है सबसे मशहूर
उत्तर प्रदेश में लखनऊ को कुल्फी फालूदा के लिए सबसे ज्यादा जाना जाता है। यहां अमीनाबाद की ‘प्रकाश की मशहूर कुल्फी’ काफी पुरानी और प्रसिद्ध दुकान है, जो 1956 से केसर कुल्फी फालूदा बेच रही है। इसके अलावा मेरठ में ‘शीतल पे भंडार’ पिछले 70 सालों से रबड़ी और कुल्फी फालूदा के लिए मशहूर है। प्रयागराज और कानपुर में भी ऐसी कई दुकानें हैं जहां लोग इस मिठाई का आनंद लेते हैं।
Frequently Asked Questions (FAQs)
लखनऊ में सबसे प्रसिद्ध फालूदा कहां मिलता है
लखनऊ के अमीनाबाद इलाके में ‘प्रकाश की मशहूर कुल्फी’ सबसे प्रतिष्ठित दुकान है। यह 1956 से चल रही है और अपने केसर कुल्फी फालूदा के लिए जानी जाती है।
फालूदा भारत में कहां से आया था
फालूदा की उत्पत्ति फारस (आधुनिक ईरान) में हुई थी। यह मुगल काल के दौरान मध्य एशियाई व्यापारियों के माध्यम से भारत पहुंचा था।