UP : उत्तर प्रदेश में भीषण गर्मी के कारण बिजली की मांग बहुत ज्यादा बढ़ गई है, जिससे कई इलाकों में बिजली संकट पैदा हो गया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस समस्या पर अधिकारियों के साथ बैठक की और बिजली कटौती के पीछे की
UP : उत्तर प्रदेश में भीषण गर्मी के कारण बिजली की मांग बहुत ज्यादा बढ़ गई है, जिससे कई इलाकों में बिजली संकट पैदा हो गया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस समस्या पर अधिकारियों के साथ बैठक की और बिजली कटौती के पीछे की मुख्य वजहें बताईं। उन्होंने लोगों से अपील की है कि वे बिजली की बचत करें ताकि सभी को पर्याप्त आपूर्ति मिल सके।
बिजली संकट क्यों पैदा हुआ?
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बताया कि भीषण गर्मी की वजह से बिजली की मांग अचानक बढ़ गई है। इसके साथ ही कुछ Thermal Power Plant में तकनीकी खराबी और अचानक शटडाउन होने से उत्पादन पर असर पड़ा है। एक बड़ी वजह LPG संकट भी है, जिसकी वजह से लोग खाना पकाने के लिए Electric Heater और Induction का ज्यादा इस्तेमाल कर रहे हैं, जिससे लोड बढ़ गया है।
सरकार ने क्या कदम उठाए हैं?
सरकार ने 24 मई को 31,824 मेगावाट की पीक डिमांड पूरी कर एक रिकॉर्ड बनाया है। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए हैं कि शहरों में 24 घंटे और ग्रामीण इलाकों में कम से कम 18 घंटे बिजली मिले। लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों पर सख्त कार्रवाई की जा रही है और दो अधिकारियों को निलंबित भी किया गया है। साथ ही, बिजली वितरण प्रणाली को सुधारने और ट्रांसमिशन नेटवर्क को मजबूत करने के निर्देश दिए गए हैं।
स्मार्ट मीटर और उपभोक्ताओं की समस्या
प्रदेश में अब तक 89.23 लाख स्मार्ट मीटर लगाए जा चुके हैं। जून 2026 से स्मार्ट मीटर वाले ग्राहकों के बिल हर महीने की 1 से 10 तारीख के बीच आएंगे। वहीं, लखनऊ, बरेली और मुरादाबाद जैसे शहरों में बिजली कटौती को लेकर लोग विरोध प्रदर्शन भी कर रहे हैं। उपभोक्ता जर्जर बुनियादी ढांचे और ओवरलोडेड सबस्टेशन की शिकायत कर रहे हैं, जिसके समाधान के लिए सरकार काम कर रही है।
Frequently Asked Questions (FAQs)
UP में बिजली संकट के मुख्य कारण क्या हैं?
भीषण गर्मी के कारण मांग में वृद्धि, थर्मल पावर प्लांट का अचानक बंद होना और LPG की कमी की वजह से इलेक्ट्रिक उपकरणों (इंडक्शन/हीटर) का अधिक उपयोग मुख्य कारण हैं।
ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों के लिए बिजली आपूर्ति का क्या नियम है?
UPPCL ने शहरों में 24 घंटे और ग्रामीण क्षेत्रों में कम से कम 18 घंटे बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करने के आदेश जारी किए हैं।