UP के शहरों में दौड़ेंगी 1225 नई इलेक्ट्रिक बसें, Lucknow को सबसे ज्यादा 300 बसों की सौगात

UP: उत्तर प्रदेश के शहरों में सफर करने वालों के लिए अच्छी खबर है। दिसंबर से प्रदेश के अलग-अलग शहरों में 1225 नई इलेक्ट्रिक बसें चलनी शुरू हो जाएंगी। इनमें सबसे ज्यादा फायदा लखनऊ के लोगों को मिलेगा, जहां 300 नई बसें तैनात

UP: उत्तर प्रदेश के शहरों में सफर करने वालों के लिए अच्छी खबर है। दिसंबर से प्रदेश के अलग-अलग शहरों में 1225 नई इलेक्ट्रिक बसें चलनी शुरू हो जाएंगी। इनमें सबसे ज्यादा फायदा लखनऊ के लोगों को मिलेगा, जहां 300 नई बसें तैनात की जाएंगी। इससे शहरों में यातायात सुगम होगा और लोगों को आने-जाने में आसानी होगी।

फिलहाल प्रदेश के शहरों में बसों की काफी कमी है। आंकड़ों के मुताबिक, सुगम यातायात के लिए 6000 से ज्यादा सिटी बसों की जरूरत है, लेकिन अभी केवल 740 बसें ही सड़कों पर चल रही हैं। केंद्रीय शहरी विकास मंत्रालय के नियम के अनुसार, हर एक लाख की आबादी पर 30 सिटी बसें होनी चाहिए। इसी कमी को दूर करने के लिए सरकार अब नई बसें उतार रही है।

लखनऊ के लिए 300 बसों का टेंडर 29 जुलाई, 2026 को खोला जाएगा। इन बसों को चलाने के लिए GCC (ग्रास कॉस्ट कॉन्ट्रैक्ट) मॉडल अपनाया गया है। इस मॉडल में बस और ड्राइवर वाहन मालिक के होंगे, जबकि कंडक्टर सिटी ट्रांसपोर्ट का होगा। सरकार बस खरीदने के लिए 35 से 40 लाख रुपये का अनुदान देगी और प्रति किलोमीटर के हिसाब से भुगतान किया जाएगा। इससे पहले NCC मॉडल फेल हो गया था, इसलिए कैबिनेट ने बसों को खरीदने के बजाय किराए पर चलाने का फैसला किया है।

इन बसों का मुख्य उद्देश्य सार्वजनिक परिवहन को आधुनिक बनाना और वायु प्रदूषण को कम करना है। ये बसें आगरा, अलीगढ़, अयोध्या, बरेली, फिरोजाबाद, नोएडा, गाजियाबाद, गोरखपुर, झांसी, कानपुर, लखनऊ, मथुरा-वृंदावन, मेरठ, मुरादाबाद, प्रयागराज, शाहजहांपुर, सहारनपुर और वाराणसी जैसे नगर निगमों में चलेंगी।

सुविधा/योजना विवरण
कुल नई बसें 1225 इलेक्ट्रिक बसें
लखनऊ का हिस्सा 300 बसें
चार्जिंग स्टेशन 16 नगर निगमों में 272 पब्लिक स्टेशन
संचालन मॉडल GCC (ग्रास कॉस्ट कॉन्ट्रैक्ट)
अनुदान राशि 35 से 40 लाख रुपये प्रति बस
प्रस्तावित शहर 18 नगर निगम

बसों के साथ-साथ चार्जिंग की सुविधा का भी इंतजाम किया जा रहा है। UPREV इन चार्जिंग स्टेशनों को विकसित करेगी। वाराणसी में सारनाथ पार्किंग स्थल पर नया चार्जिंग स्टेशन बनाने और दो नए चार्जर लगाने की मंजूरी मिल गई है। इसके अलावा, 15 शहरों में कार्बन क्रेडिट प्रोजेक्ट भी लागू किया जाएगा, जिससे उत्सर्जन कम करने पर सरकार को अतिरिक्त कमाई होगी।

इस पूरी योजना को मुख्य सचिव एसपी गोयल की अध्यक्षता में निधि प्रबंधन समिति ने जनवरी 2026 में मंजूरी दी थी। हालांकि, मई 2026 तक खरीद प्रक्रिया शुरू नहीं हो पाई थी, जिससे शहर बसों की कमी से जूझ रहे थे, लेकिन अब दिसंबर तक इन्हें सड़कों पर उतारने की तैयारी है।