UP : दिल्ली-देहरादून इकोनॉमिक कॉरिडोर पर गांगनौली के पास कट देने की मांग को लेकर किसानों का आंदोलन तेज हो गया है। यह धरना अब 20वें दिन में प्रवेश कर चुका है। स्थानीय लोगों का कहना है कि अगर यहां कट मिलता है, तो आसपास के
UP : दिल्ली-देहरादून इकोनॉमिक कॉरिडोर पर गांगनौली के पास कट देने की मांग को लेकर किसानों का आंदोलन तेज हो गया है। यह धरना अब 20वें दिन में प्रवेश कर चुका है। स्थानीय लोगों का कहना है कि अगर यहां कट मिलता है, तो आसपास के 50-60 गांवों के लोगों को सीधा लाभ मिलेगा और उनकी आवाजाही आसान हो जाएगी।
प्रशासन और किसानों के बीच क्या हुई बातचीत
25 मई 2026 को कलेक्ट्रेट ऑडिटोरियम में जिला मजिस्ट्रेट Asmita Lal और पुलिस अधीक्षक Suraj Kumar Rai ने प्रदर्शनकारी किसानों के साथ बैठक की। इस दौरान DM ने भरोसा दिलाया कि उनकी मांग को क्षेत्रीय अधिकारी स्तर पर सरकार तक भेजा जाएगा। NHAI के प्रोजेक्ट डायरेक्टर Narendra Singh ने भी कहा कि वे इस संबंध में एक प्रस्ताव तैयार करेंगे और पारदर्शिता के लिए इसकी एक कॉपी किसानों को भी देंगे।
राजनीतिक समर्थन और किसान संगठनों का रुख
छपराउली MLA Dr. Ajay Kumar ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को पत्र लिखकर गांगनौली को एंट्री-एग्जिट पॉइंट के लिए भौगोलिक रूप से सही बताया है और NHAI को निर्देश देने की मांग की है। वहीं, भारतीय किसान यूनियन (BKU) के राष्ट्रीय प्रवक्ता Rakesh Tikait ने कहा कि प्रशासन को कट देने में कंजूसी नहीं करनी चाहिए। BKU अध्यक्ष Naresh Tikait ने भी सभी किसानों से एकजुट होकर अपनी मांग के लिए लड़ने की अपील की है।
सुरक्षा और कॉरिडोर की जानकारी
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 14 अप्रैल 2026 को दिल्ली-देहरादून इकोनॉमिक कॉरिडोर का उद्घाटन किया था। प्रशासन ने ग्रामीणों से अपील की है कि वे सुरक्षा कारणों से किसी भी अनधिकृत कट का इस्तेमाल न करें। जब तक आधिकारिक तौर पर कट नहीं बनता, तब तक सड़क पार करना जोखिम भरा हो सकता है।
Frequently Asked Questions (FAQs)
गांगनौली में किसान क्यों प्रदर्शन कर रहे हैं?
किसान दिल्ली-देहरादून कॉरिडोर पर गांगनौली के पास एक कट (एंट्री-एग्जिट पॉइंट) की मांग कर रहे हैं, जिससे करीब 50-60 गांवों के लोगों को सीधा रास्ता मिल सके।
प्रशासन ने किसानों को क्या आश्वासन दिया है?
DM Asmita Lal और NHAI प्रोजेक्ट डायरेक्टर Narendra Singh ने आश्वासन दिया है कि इस मांग का प्रस्ताव तैयार कर सरकार को भेजा जाएगा और इसकी कॉपी किसानों को भी दी जाएगी।