UP डिफेंस कॉरिडोर में मिसाइल और ड्रोन का निर्माण, लखनऊ समेत 6 शहरों में लग रही हैं बड़ी फैक्ट्रियां
UP : उत्तर प्रदेश अब देश की सैन्य ताकत को बढ़ाने के लिए एक बड़ा केंद्र बन रहा है। राज्य के छह अलग-अलग शहरों में डिफेंस इंडस्ट्रियल कॉरिडोर विकसित किया जा रहा है, जहां मिसाइल, ड्रोन और गोला-बारूद जैसे घातक हथियार बनाए जाए
UP : उत्तर प्रदेश अब देश की सैन्य ताकत को बढ़ाने के लिए एक बड़ा केंद्र बन रहा है। राज्य के छह अलग-अलग शहरों में डिफेंस इंडस्ट्रियल कॉरिडोर विकसित किया जा रहा है, जहां मिसाइल, ड्रोन और गोला-बारूद जैसे घातक हथियार बनाए जाएंगे। इस प्रोजेक्ट से न केवल भारत आत्मनिर्भर बनेगा, बल्कि प्रदेश के युवाओं के लिए रोजगार के हजारों नए मौके भी खुलेंगे।
लखनऊ नोड को मिसाइल और एयरोस्पेस टेक्नोलॉजी का मुख्य केंद्र बनाया जा रहा है। यहां BrahMos Aerospace अपनी अत्याधुनिक इकाइयां लगा रहा है, जिससे मिसाइल उत्पादन में 20 प्रतिशत की बढ़ोत्तरी हुई है। इसके अलावा एरोलॉय टेक्नोलॉजीज ने टाइटेनियम कास्टिंग का काम शुरू कर दिया है और संकल्प सेफ्टी सॉल्यूशंस तकनीकी सुरक्षा उत्पाद बना रहे हैं। जयके एंटरप्राइजेज यहां मिसाइल लॉन्च ट्यूब और कंटेनर बनाएगा। साथ ही IRDE-DRDO और कावा UAV जैसी कंपनियां भी अपनी यूनिट्स लगा रही हैं।
कॉरिडोर के अन्य शहरों में भी अलग-अलग तरह के हथियारों पर काम हो रहा है। कानपुर को छोटे हथियार, गोला-बारूद और रक्षा कपड़ों के केंद्र के रूप में विकसित किया जा रहा है, जहां डेल्टा कॉम्बैट सिस्टम्स अपनी इकाई लगाएगा। अलीगढ़ में ड्रोन, एंटी-ड्रोन सिस्टम और इलेक्ट्रॉनिक वारफेयर तकनीक पर फोकस रहेगा, जिसमें एंकर रिसर्च लैब्स और सिडैक टेक्नोलॉजीज जैसी कंपनियां शामिल हैं। झांसी में विस्फोटक और भारी रक्षा विनिर्माण का काम होगा, जहां भारत डायनेमिक्स लिमिटेड (BDL) की इकाई पहले से मौजूद है।
| शहर (नोड) | मुख्य फोकस | प्रमुख कंपनियां/संस्थाएं |
|---|---|---|
| लखनऊ | मिसाइल और एयरोस्पेस | BrahMos Aerospace, IRDE-DRDO, Jayke Enterprises |
| कानपुर | छोटे हथियार और गोला-बारूद | Delta Combat Systems, IIT Kanpur |
| अलीगढ़ | ड्रोन और इलेक्ट्रॉनिक वारफेयर | Anchor Research Labs, Sidac Technologies |
| झांसी | विस्फोटक और भारी विनिर्माण | Bharat Dynamics Ltd (BDL), Goodluck Astra |
| आगरा | रणनीतिक विनिर्माण | UPDIC सदस्य |
| चित्रकूट | रणनीतिक विनिर्माण | UPDIC सदस्य |
UPEIDA के मुख्य महाप्रबंधक कर्नल संजय सिंह ने बताया कि यह कॉरिडोर यूपी को 1 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनाने में मदद करेगा। अब तक इस प्रोजेक्ट के लिए 39,571 करोड़ रुपये से ज्यादा के निवेश प्रस्ताव आए हैं, जिनमें से करीब 13,486 करोड़ रुपये के काम शुरू हो चुके हैं। इससे लगभग 15,300 लोगों को नौकरियां मिलने की उम्मीद है। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अक्टूबर 2025 में लखनऊ में सुपरसोनिक ब्रह्मोस मिसाइलों के पहले बैच को हरी झंडी दिखाई थी।
आने वाले समय में लखनऊ में ‘उत्तर प्रदेश रक्षा और एफडीआई कॉन्क्लेव-2026’ का आयोजन होगा। इसमें रक्षा मंत्रालय के बड़े अधिकारी शामिल होंगे और निवेश बढ़ाने के साथ-साथ रोजगार प्रोत्साहन नीति-2024 पर चर्चा की जाएगी।