UP में बड़ी कार्रवाई: कई नामी कोचिंग सेंटर सील, 100 से ज्यादा केंद्रों की जांच शुरू
UP : उत्तर प्रदेश में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर कोचिंग संस्थानों के खिलाफ एक बड़ा अभियान चलाया गया है। लखनऊ के अलीगंज में हुए एक दुखद अग्निकांड में 15 लोगों की मौत के बाद सरकार ने यह सख्त कदम उठाया है। इस
UP : उत्तर प्रदेश में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर कोचिंग संस्थानों के खिलाफ एक बड़ा अभियान चलाया गया है। लखनऊ के अलीगंज में हुए एक दुखद अग्निकांड में 15 लोगों की मौत के बाद सरकार ने यह सख्त कदम उठाया है। इस कार्रवाई में कई बड़े और नामी कोचिंग सेंटरों को सील कर दिया गया है, जबकि 100 से ज्यादा केंद्र अब जांच के दायरे में हैं।
यह महाअभियान 23 जून 2026 से शुरू हुआ, जिसमें पुलिस, प्रशासन, अग्निशमन विभाग और विद्युत सुरक्षा अधिकारियों की संयुक्त टीमों ने लखनऊ, कानपुर, प्रयागराज और वाराणसी जैसे बड़े शहरों में छापेमारी की। जांच में पाया गया कि कई संस्थान अग्नि सुरक्षा, आपातकालीन निकास और भवन मानकों की अनदेखी कर रहे थे। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट आदेश दिए हैं कि बेसमेंट में कोचिंग सेंटर या किसी भी तरह की व्यावसायिक गतिविधि नहीं चलेगी।
लखनऊ में जिस इमारत में आग लगी थी, उसे सील कर दिया गया है और मालिक समेत चार लोगों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है। उन पर गैर इरादतन हत्या का मुकदमा दर्ज हुआ है। इसके अलावा लखनऊ विकास प्राधिकरण (LDA) ने आवासीय इलाकों में कमर्शियल काम करने वाले 1000 लोगों को नोटिस भेजा है।
| शहर | कार्रवाई का विवरण | प्रमुख संस्थान/कारण |
|---|---|---|
| कानपुर | 30 से ज्यादा संस्थान सील | Physics Wallah समेत 16 सेंटर, बेसमेंट का गलत इस्तेमाल |
| प्रयागराज | खान ग्लोबल स्टडीज सील | भू-उपयोग स्वीकृति (Land Use) न होना |
| वाराणसी | 8 संस्थान सील | Aakash/Allen जैसे संस्थान, बिना नक्शा स्वीकृति के संचालन |
| लखनऊ | अग्निकांड वाली इमारत सील | सुरक्षा मानकों की भारी कमी, 15 मौतें |
| अन्य शहर | उन्नाव, मिर्जापुर, मऊ, झांसी | पंजीकरण और फायर एनओसी की कमी |
नियमों के मुताबिक, सभी कोचिंग सेंटरों का उत्तर प्रदेश कोचिंग विनियमन अधिनियम, 2002 के तहत पंजीकृत होना जरूरी है। साथ ही अग्निशमन विभाग से एनओसी लेना अनिवार्य है। प्रयागराज के मुख्य अग्नि शमन अधिकारी चंद्र मोहन शर्मा ने बताया कि शहर के 97 पंजीकृत संस्थानों में से सिर्फ 15 के पास ही फायर एनओसी है। उच्च शिक्षा मंत्री योगेंद्र उपाध्याय ने कहा कि छात्रों की सुरक्षा से कोई समझौता नहीं किया जाएगा।