UP में कोचिंग सेंटरों का होगा प्रदेशव्यापी सर्वे, लखनऊ अग्निकांड के बाद योगी सरकार ने जारी किए निर्देश
UP: लखनऊ के एक कोचिंग संस्थान में हुए भीषण अग्निकांड ने पूरे प्रदेश को झकझोर कर रख दिया है। इस हादसे में 15 छात्रों की मौत के बाद योगी सरकार ने सख्त कदम उठाते हुए पूरे उत्तर प्रदेश में कोचिंग सेंटरों का सर्वे कराने का आद
UP: लखनऊ के एक कोचिंग संस्थान में हुए भीषण अग्निकांड ने पूरे प्रदेश को झकझोर कर रख दिया है। इस हादसे में 15 छात्रों की मौत के बाद योगी सरकार ने सख्त कदम उठाते हुए पूरे उत्तर प्रदेश में कोचिंग सेंटरों का सर्वे कराने का आदेश दिया है। सरकार का मकसद उन अवैध संस्थानों को पकड़ना है जो बिना रजिस्ट्रेशन के चल रहे हैं और जो नियमों की अनदेखी कर रहे हैं।
यह पूरी कार्रवाई 22 जून 2026 को लखनऊ के अलीगंज में लगी आग के बाद शुरू हुई है। शुरुआती जांच में पता चला कि आग बेसमेंट या ग्राउंड फ्लोर पर स्थित एक पेट शॉप क्लिनिक में एसी के शॉर्ट सर्किट से लगी थी। इमारत में आपातकालीन निकास (Emergency Exit) की कमी की वजह से छात्र बाहर नहीं निकल पाए। इस मामले में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उच्चस्तरीय जांच के आदेश दिए और लापरवाही बरतने वाले चार अधिकारियों को निलंबित कर तीन लोगों को गिरफ्तार किया है।
उच्च शिक्षा विभाग की विशेष सचिव निधि श्रीवास्तव ने सभी जिलाधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि वे अपने जिलों में कोचिंग संस्थानों का व्यापक सर्वे करें। इस सर्वे में देखा जाएगा कि कौन से संस्थान ‘उत्तर प्रदेश कोचिंग विनियमन अधिनियम, 2002’ के तहत पंजीकृत हैं। उच्च शिक्षा मंत्री योगेंद्र उपाध्याय ने साफ कहा है कि विद्यार्थियों की सुरक्षा और शिक्षा की गुणवत्ता के साथ कोई समझौता नहीं किया जाएगा।
सर्वे के दौरान केवल रजिस्ट्रेशन ही नहीं, बल्कि सुरक्षा मानकों की भी बारीकी से जांच होगी। इसमें भवन की मजबूती, फायर फाइटिंग उपकरणों की उपलब्धता, बिजली की सुरक्षा, वेंटिलेशन और साफ-सफाई जैसी चीजें देखी जाएंगी। नेशनल बिल्डिंग कोड (NBC) के नियमों के मुताबिक, 15 मीटर से ज्यादा ऊंची इमारतों में कम से कम दो सीढ़ियां और पर्याप्त फायर लेन होना जरूरी है।
इस अभियान का असर प्रदेश के अन्य शहरों में भी दिखने लगा है। अलीगढ़ में मानकों का पालन न करने वाले नौ कोचिंग सेंटरों को सील कर दिया गया है। वहीं कानपुर में केडीए और पुलिस ने 20 से ज्यादा संस्थानों की जांच की और बेसमेंट में चल रहे पांच से अधिक केंद्रों को सील कर दिया। गोरखपुर और मुरादाबाद में भी सुरक्षा व्यवस्था की कमी पाई गई है।
आंकड़ों की बात करें तो पूरे प्रदेश में फिलहाल केवल 3152 कोचिंग संस्थान ही पंजीकृत हैं, जबकि असल संख्या इससे कहीं ज्यादा है। नियमों के मुताबिक, सरकारी या सहायता प्राप्त स्कूलों के नियमित शिक्षक निजी कोचिंग में नहीं पढ़ा सकते और हर संस्थान के पास अग्निशमन विभाग से NOC होना अनिवार्य है। राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (NHRC) ने भी इस मामले में शिकायत दर्ज कर देशभर के कोचिंग सेंटरों में सुरक्षा जांच की मांग की है।