UP : उत्तर प्रदेश सरकार ने राज्य को बाल श्रम और बाल विवाह से मुक्त करने के लिए एक बड़ा अभियान चलाया है। इस मुहिम के तहत 5,000 से ज्यादा बच्चों को बचाया गया है और उन्हें संरक्षण दिया गया है। सरकार का लक्ष्य है कि साल 2027
UP : उत्तर प्रदेश सरकार ने राज्य को बाल श्रम और बाल विवाह से मुक्त करने के लिए एक बड़ा अभियान चलाया है। इस मुहिम के तहत 5,000 से ज्यादा बच्चों को बचाया गया है और उन्हें संरक्षण दिया गया है। सरकार का लक्ष्य है कि साल 2027 तक पूरे उत्तर प्रदेश को बाल श्रम मुक्त बना दिया जाए।
बच्चों को बचाने के लिए क्या कदम उठाए गए?
Just Rights for Children (JRC) और सरकारी एजेंसियों ने मिलकर 3,805 अभियान चलाए। इन कोशिशों से 5,000 से अधिक बच्चों को बाल श्रम और मानव तस्करी के चंगुल से बाहर निकाला गया। वहीं, स्थानीय पुलिस और आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं की मदद से 17,303 बाल विवाह रुकवाए गए। बाल श्रम के खिलाफ सख्ती बढ़ाते हुए 919 FIR दर्ज की गई हैं और 2,552 से ज्यादा मामलों में चालान काटे गए हैं।
सुरक्षित बाल ग्राम और हॉटस्पॉट का क्या प्लान है?
JRC के संस्थापक भुवन ऋभु ने बताया कि प्रदेश के 20,000 से ज्यादा गांवों को ‘सुरक्षित बाल ग्राम’ के रूप में विकसित किया जाएगा। अंतरराष्ट्रीय बाल श्रम निषेध दिवस के मौके पर 15 जिलों के 141 हॉटस्पॉट को बाल श्रम मुक्त घोषित किया गया। सरकार की योजना है कि दिसंबर 2026 तक 15 और जिलों को इस लिस्ट में शामिल किया जाए। इसके लिए 1,585 पुलिस अधिकारियों को खास ट्रेनिंग दी गई है और 6 लाख परिवारों को सरकारी योजनाओं से जोड़ा गया है।
बाल श्रम और बाल विवाह पर क्या है कानूनी कार्रवाई?
इलाहाबाद उच्च न्यायालय ने बाल विवाहों पर चिंता जताई है और DGP को निर्देश दिया है कि दूल्हों और शादी कराने वालों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए। अगर कोई बच्चे से मजदूरी कराता है, तो उसे 6 महीने से 2 साल तक की जेल हो सकती है। साथ ही 20,000 से 50,000 रुपये तक का जुर्माना भी भरना होगा। लखनऊ के बुद्धेश्वर मंदिर और अन्य जगहों पर ‘सशक्त बचपन, सशक्त समाज’ के संदेश के साथ जागरूकता कार्यक्रम भी किए गए।
Frequently Asked Questions (FAQs)
यूपी सरकार ने बाल श्रम मुक्त करने का क्या लक्ष्य रखा है?
उत्तर प्रदेश सरकार ने वर्ष 2027 तक पूरे राज्य को बाल श्रम मुक्त बनाने का लक्ष्य रखा है, जिसके लिए ‘सुरक्षित बाल ग्राम’ जैसी पहल शुरू की गई है।
बाल श्रम कराने पर कितनी सजा और जुर्माने का प्रावधान है?
बाल श्रम कराने पर 6 महीने से 2 साल तक के कारावास और 20,000 से 50,000 रुपये तक के जुर्माने का कानूनी प्रावधान है।