UP: चंदौली जिले के चकिया क्षेत्र की दो शिक्षिकाओं ने लखनऊ में अपनी काबिलियत का लोहा मनवाया है। रीता पाण्डेय और पूनम कुमारी को उनके बेहतरीन लेखन और शिक्षा के क्षेत्र में किए गए नए प्रयोगों के लिए सम्मानित किया गया। यह सम्
UP: चंदौली जिले के चकिया क्षेत्र की दो शिक्षिकाओं ने लखनऊ में अपनी काबिलियत का लोहा मनवाया है। रीता पाण्डेय और पूनम कुमारी को उनके बेहतरीन लेखन और शिक्षा के क्षेत्र में किए गए नए प्रयोगों के लिए सम्मानित किया गया। यह सम्मान उन्हें 11 मई 2026 को आयोजित एक बड़े कार्यक्रम में मिला।
कौन सी शिक्षिकाएं हुईं सम्मानित और क्या है उनकी भूमिका
सम्मान पाने वाली पहली शिक्षिका रीता पाण्डेय हैं, जो चकिया के कंपोजिट विद्यालय बियासड़ में सहायक अध्यापिका के तौर पर तैनात हैं। वहीं, पूनम कुमारी प्राथमिक विद्यालय तिलौरी, चकिया की इंचार्ज प्रधानाध्यापक हैं। इन दोनों को हिंदी काव्य लेखन और पढ़ाई के नए तरीकों (शैक्षिक नवाचारों) के लिए यह पुरस्कार दिया गया है।
किसने दिया सम्मान और क्या रहा कार्यक्रम
इस सम्मान समारोह का आयोजन ‘अंतरराष्ट्रीय कला साहित्य संस्कृति अयोध्या’ संस्था द्वारा किया गया था। कार्यक्रम का नाम ‘अंतर्राष्ट्रीय शैक्षिक समागम’ था, जहां शिक्षिकाओं को शील्ड और प्रमाण पत्र दिए गए। इस मौके पर राज्य सूचना आयुक्त स्वतंत्र प्रकाश गुप्ता, सेवानिवृत्त मंडलायुक्त दिनेश कुमार सिंह, लाइफ सिग्नीफाई के संस्थापक रविशंकर, UP शिक्षा सेवा चयन आयोग के सदस्य डॉ. कृष्ण चंद्र शर्मा और लखनऊ विश्वविद्यालय की प्रोफेसर डॉ. खुशबू वर्मा मौजूद रहे।
Frequently Asked Questions (FAQs)
चंदौली की किन शिक्षिकाओं को लखनऊ में सम्मानित किया गया?
चकिया क्षेत्र की रीता पाण्डेय (सहायक अध्यापिका, कंपोजिट विद्यालय बियासड़) और पूनम कुमारी (इंचार्ज प्रधानाध्यापक, प्राथमिक विद्यालय तिलौरी) को सम्मानित किया गया।
शिक्षिकाओं को यह सम्मान किस आधार पर मिला है?
इन शिक्षिकाओं को उनके उत्कृष्ट हिंदी काव्य लेखन और शिक्षा के क्षेत्र में किए गए नए प्रयोगों (शैक्षिक नवाचारों) के लिए यह पुरस्कार मिला है।