UP में विंध्य एक्सप्रेसवे समेत 12 प्रस्तावों को मिल सकती है मंजूरी, 35 हजार करोड़ से ज्यादा खर्च करेगी योगी सरकार
UP: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में आज सुबह 10:30 बजे कैबिनेट की अहम बैठक होने जा रही है। इस बैठक में विंध्य एक्सप्रेसवे और विंध्य-पूर्वांचल लिंक एक्सप्रेसवे जैसे बड़े प्रोजेक्ट्स पर मुहर लग सकती है। इन दोनों
UP: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में आज सुबह 10:30 बजे कैबिनेट की अहम बैठक होने जा रही है। इस बैठक में विंध्य एक्सप्रेसवे और विंध्य-पूर्वांचल लिंक एक्सप्रेसवे जैसे बड़े प्रोजेक्ट्स पर मुहर लग सकती है। इन दोनों एक्सप्रेसवे को बनाने में सरकार 35 हजार करोड़ रुपये से ज्यादा खर्च करेगी, जिससे प्रदेश के बुनियादी ढांचे में बड़ा बदलाव आएगा।
विंध्य एक्सप्रेसवे की लंबाई 330-333 किलोमीटर होगी, जो प्रयागराज के सोनवर से शुरू होकर सोनभद्र तक जाएगा। करीब 26,000 करोड़ रुपये की लागत वाले इस एक्सप्रेसवे से भदोही के ज्ञानपुर, मिर्जापुर के चुनार, रॉबर्ट्सगंज और रेणुकूट होते हुए बभनी छत्तीसगढ़ सीमा तक रास्ता मिलेगा। यह एक्सप्रेसवे विंध्य क्षेत्र के 6 जिलों को जोड़ेगा और इसे पूर्वांचल, बुंदेलखंड और गंगा एक्सप्रेसवे से भी कनेक्ट किया जाएगा। इस प्रोजेक्ट के लिए 340 गांवों की करीब 4600 हेक्टेयर जमीन ली जाएगी और UPEIDA इसकी देखरेख करेगा।
इसके साथ ही 117 किलोमीटर लंबे विंध्य-पूर्वांचल लिंक एक्सप्रेसवे का प्रस्ताव भी है, जिस पर 9,000 करोड़ रुपये से ज्यादा खर्च होंगे। यह चंदौली और गाजीपुर के पास पूर्वांचल एक्सप्रेसवे से जुड़ेगा। इसके लिए चंदौली, गाजीपुर, वाराणसी और मिर्जापुर के 135 गांवों से 2800 हेक्टेयर जमीन का अधिग्रहण किया जाएगा। दोनों ही एक्सप्रेसवे को पहले छह लेन और बाद में आठ लेन तक बढ़ाया जा सकेगा।
कैबिनेट बैठक में अन्य महत्वपूर्ण प्रस्ताव भी शामिल हैं:
| प्रस्ताव | विवरण |
|---|---|
| मॉनसून सत्र | जुलाई के आखिरी हफ्ते या अगस्त के पहले हफ्ते (संभावित 3 अगस्त) से शुरू हो सकता है |
| इलेक्ट्रिक बसें | परिवहन विभाग द्वारा 400 करोड़ रुपये से 220 नई बसें खरीदी जाएंगी |
| महिला छात्रावास | वाराणसी में 500 क्षमता वाले नए छात्रावास के लिए जमीन दी जाएगी |
| लिंक एक्सप्रेसवे | आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे को पूर्वांचल एक्सप्रेसवे से और लखनऊ एक्सप्रेसवे को गंगा एक्सप्रेसवे (वाया फर्रुखाबाद) से जोड़ने का प्रस्ताव |
इसके अलावा महिला कल्याण, गृह विभाग, उच्च शिक्षा, सचिवालय प्रशासन और सहकारिता विभाग से जुड़े कई अन्य प्रस्तावों पर भी कैबिनेट में विचार किया जाएगा।