UP कैबिनेट की बैठक में 21 प्रस्तावों पर लगेगी मुहर, मदरसों की कामिल-फाजिल डिग्री होगी रद्द
UP: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में मंगलवार को कैबिनेट की अहम बैठक हुई। इस बैठक में कुल 21 प्रस्तावों पर मंजूरी मिलने की उम्मीद है। इसमें सबसे बड़ा बदलाव मदरसों की पढ़ाई को लेकर है, जहां अब कामिल और फाजिल डिग
UP: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में मंगलवार को कैबिनेट की अहम बैठक हुई। इस बैठक में कुल 21 प्रस्तावों पर मंजूरी मिलने की उम्मीद है। इसमें सबसे बड़ा बदलाव मदरसों की पढ़ाई को लेकर है, जहां अब कामिल और फाजिल डिग्री को खत्म करने की तैयारी की जा रही है।
मदरसा शिक्षा काउंसिल एक्ट 2004 में बदलाव किया जाएगा। इसके तहत अब मदरसे सिर्फ 12वीं कक्षा तक की पढ़ाई करा पाएंगे। यह फैसला सुप्रीम कोर्ट के उस आदेश के बाद लिया गया है जिसमें कहा गया था कि यूजीसी (UGC) से मान्यता प्राप्त यूनिवर्सिटी के बिना कोई भी संस्थान ग्रेजुएशन या पोस्ट ग्रेजुएशन की डिग्री नहीं दे सकता। इस फैसले से करीब 32,000 छात्रों के भविष्य पर असर पड़ेगा और अब वे डिग्री के लिए सामान्य यूनिवर्सिटी का रास्ता अपनाएंगे।
वहीं, यूपी सरकार ने विकास कार्यों की रफ्तार बढ़ाने के लिए विधानसभा में 59,019.54 करोड़ रुपये का अनुपूरक बजट पेश किया है। वित्त मंत्री सुरेश खन्ना ने इसे ऊर्जा, स्वास्थ्य, कृषि और सामाजिक कल्याण जैसे जरूरी क्षेत्रों में खर्च करने की बात कही है। सरकार का लक्ष्य 2027 के विधानसभा चुनावों से पहले बुनियादी ढांचे और विकास परियोजनाओं को तेजी से पूरा करना है।
कैबिनेट बैठक में कुछ अन्य महत्वपूर्ण प्रस्ताव भी शामिल रहे:
- जेवर लिंक एक्सप्रेसवे को गंगा एक्सप्रेसवे से जोड़ने (बुलंदशहर के रास्ते) के खर्च का अनुमान।
- प्रयागराज-चित्रकूट क्षेत्रीय विकास प्राधिकरण का गठन।
- सात मल्टी-पर्पज हब के लिए जमीन का मुफ्त ट्रांसफर।
- नोमैडिक डेवलपमेंट बोर्ड की स्थापना।
इस बीच, डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य ने मदरसों की शिक्षा व्यवस्था पर विवादित टिप्पणी की है, जिससे राजनीतिक गलियारों में चर्चा तेज हो गई है।