UP के Lucknow और Noida को मिला ‘U-Hub’ का तोहफ़ा, 1 लाख युवाओं को मिलेगा रोजगार, योगी कैबिनेट ने दी मंजूरी
UP/Lucknow: उत्तर प्रदेश की योगी सरकार ने राज्य के युवाओं और स्टार्टअप्स के लिए एक बड़ा फैसला लिया है। कैबिनेट ने लखनऊ और नोएडा में ‘यू-हब’ (U-Hub) नाम से डीप-टेक हब बनाने के प्रस्ताव को हरी झंडी दे दी है। इस
UP/Lucknow: उत्तर प्रदेश की योगी सरकार ने राज्य के युवाओं और स्टार्टअप्स के लिए एक बड़ा फैसला लिया है। कैबिनेट ने लखनऊ और नोएडा में ‘यू-हब’ (U-Hub) नाम से डीप-टेक हब बनाने के प्रस्ताव को हरी झंडी दे दी है। इस कदम से न केवल नई तकनीकों को बढ़ावा मिलेगा, बल्कि आने वाले समय में करीब एक लाख लोगों को रोजगार मिलने की उम्मीद है।
4 अगस्त 2026 को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में हुई बैठक में इस प्रोजेक्ट को मंजूरी मिली। आईटी और इलेक्ट्रॉनिक्स विभाग की ओर से लाए गए इस प्रस्ताव के तहत यू-हब पूरी तरह से राज्य सरकार के कंट्रोल में काम करेगा। इसका मकसद यूपी को तकनीक की दुनिया का एक बड़ा सेंटर बनाना है, जहां नए स्टार्टअप्स, वैज्ञानिक और बड़े उद्योगपति एक साथ मिलकर काम कर सकें। इस पूरे प्रोजेक्ट का संचालन आईआईटी कानपुर की देखरेख में होगा और इसके बोर्ड के अध्यक्ष भी आईआईटी कानपुर के डायरेक्टर ही होंगे।
लखनऊ और नोएडा सेंटर में क्या होगा खास
सरकार ने दोनों शहरों के लिए अलग-अलग जिम्मेदारी तय की है ताकि हर क्षेत्र में विकास हो सके।
- नोएडा सेंटर: यहां क्वांटम कंप्यूटिंग, सेमीकंडक्टर डिजाइन, रोबोटिक्स, डिफेंस टेक्नोलॉजी और एडवांस बायो-टेक्नोलॉजी पर ज्यादा ध्यान दिया जाएगा।
- लखनऊ सेंटर: यहां आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के इस्तेमाल, सरकारी कामकाज में तकनीक (Gov-Tech), हेल्थ-टेक और खेती-बाड़ी में इस्तेमाल होने वाली नई तकनीकों पर काम होगा।
इस प्रोजेक्ट की शुरुआत के लिए सरकार ने वित्तीय वर्ष 2026-27 में 100 करोड़ रुपये खर्च करने का प्लान बनाया है। अगले तीन सालों में इस पर कुल 387.5 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। पहले चरण में हर सेंटर को 25,000 वर्ग फुट के एरिया में तैयार किया जाएगा। अधिकारियों का कहना है कि अगले पांच साल में इस प्रोजेक्ट से 2000 करोड़ रुपये से ज्यादा का कारोबार होने का अनुमान है। इससे स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर खुलेंगे और तकनीक के लिए दूसरे देशों पर निर्भरता काफी कम हो जाएगी।