UP : उत्तर प्रदेश की योगी सरकार ने शहरों में आने-जाने की सुविधा को बेहतर बनाने के लिए एक बड़ा फैसला लिया है। कैबिनेट की बैठक में 1725 नई इलेक्ट्रिक बसों को चलाने की मंजूरी दी गई है। ये बसें 17 नगर निगमों और नोएडा में चले
UP : उत्तर प्रदेश की योगी सरकार ने शहरों में आने-जाने की सुविधा को बेहतर बनाने के लिए एक बड़ा फैसला लिया है। कैबिनेट की बैठक में 1725 नई इलेक्ट्रिक बसों को चलाने की मंजूरी दी गई है। ये बसें 17 नगर निगमों और नोएडा में चलेंगी, जिससे आम लोगों को प्रदूषण मुक्त और सस्ता सफर मिल सकेगा। साथ ही इन बसों के जरिए जेवर एयरपोर्ट को भी जोड़ा जाएगा।
नई ई-बसों का प्लान और खर्च क्या है
इस पूरे प्रोजेक्ट पर करीब 1852 करोड़ रुपये खर्च होंगे। सरकार इसे PPP मॉडल पर चलाएगी, जिसका मतलब है कि बसें चलाने की जिम्मेदारी प्राइवेट कंपनियों की होगी, जबकि बस डिपो सरकार मुहैया कराएगी। जेवर एयरपोर्ट के लिए पहले चरण में 110 इलेक्ट्रिक बसें चलाने की तैयारी है ताकि फ्लाइट संचालन शुरू होने से पहले यात्रियों को आने-जाने में कोई दिक्कत न हो।
चार्जिंग स्टेशन और अन्य बड़े फैसले
सरकार राज्य में इलेक्ट्रिक गाड़ियों के लिए चार्जिंग नेटवर्क भी तेजी से बढ़ा रही है। यूपी में अब तक करीब 15.5 लाख इलेक्ट्रिक गाड़ियां रजिस्टर्ड हैं और साल 2030 तक 10,000 चार्जिंग स्टेशन बनाने का लक्ष्य है, जिनमें से 2,500 स्टेशन अभी चालू हैं। कैबिनेट मीटिंग में 5 जिलों में नई जेल बनाने और सरकारी वकीलों की फीस बढ़ाने के प्रस्ताव को भी मंजूरी दी गई है।
सरकारी वकीलों की फीस में कितनी बढ़ोतरी हुई
कैबिनेट ने राज्य के कानून अधिकारियों के मानदेय और फीस में इजाफा किया है। जिला सरकारी अधिवक्ताओं का रिटेनर अब 9,000 रुपये से बढ़ाकर 14,000 रुपये कर दिया गया है। इसके अलावा, उनकी प्रतिदिन की फीस भी 1,650 रुपये से बढ़ाकर 2,500 रुपये कर दी गई है।
Frequently Asked Questions (FAQs)
जेवर एयरपोर्ट के लिए कितनी ई-बसें चलेंगी
जेवर एयरपोर्ट की कनेक्टिविटी के लिए पहले चरण में 110 इलेक्ट्रिक बसें चलाने की योजना है ताकि फ्लाइट्स शुरू होने से पहले पब्लिक ट्रांसपोर्ट की सुविधा मिल सके।
ई-बसों का संचालन किस मॉडल पर होगा
इन बसों का संचालन पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप (PPP) मॉडल पर होगा, जिसमें डिपो सरकार देगी और संचालन प्राइवेट कंपनियां करेंगी।