UP में हवाई जहाज जैसी रफ्तार से दौड़ेगी बुलेट ट्रेन, 100 मिनट में जेवर से लखनऊ पहुंचेंगे यात्री

UP/Delhi: उत्तर प्रदेश के लोगों के लिए सफर अब बहुत आसान और तेज होने वाला है। केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने दिल्ली-वाराणसी बुलेट ट्रेन परियोजना की घोषणा की है, जिससे जेवर, लखनऊ और वाराणसी जैसे बड़े शहरों के बीच की

UP/Delhi: उत्तर प्रदेश के लोगों के लिए सफर अब बहुत आसान और तेज होने वाला है। केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने दिल्ली-वाराणसी बुलेट ट्रेन परियोजना की घोषणा की है, जिससे जेवर, लखनऊ और वाराणसी जैसे बड़े शहरों के बीच की दूरी सिमट जाएगी। इस हाई-स्पीड रेल सेवा के शुरू होने से यात्रा के समय में भारी कमी आएगी और लोगों को पहले के मुकाबले ज्यादा सुविधा मिलेगी।

रेल मंत्री ने 28 जून 2026 को जेवर में एक कार्यक्रम के दौरान बताया कि यह कॉरिडोर पूरी तरह से एलिवेटेड होगा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में दिल्ली-लखनऊ-वाराणसी-पटना-सिलीगुड़ी बुलेट ट्रेन कॉरिडोर को मंजूरी मिल चुकी है। इस प्रोजेक्ट की घोषणा वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने 2026-27 के बजट में सात नए बुलेट ट्रेन प्रोजेक्ट्स के हिस्से के रूप में की थी। NHSRCL मार्च 2027 तक इसकी विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (DPR) तैयार कर लेगा।

इस परियोजना से जुड़ी मुख्य जानकारियां नीचे दी गई हैं:

विवरण जानकारी
कुल लंबाई लगभग 813 किलोमीटर
अधिकतम रफ्तार 350 किमी प्रति घंटा
परिचालन रफ्तार 320 किमी प्रति घंटा
अनुमानित लागत लगभग ₹1.71 लाख करोड़
जेवर से लखनऊ समय 1 घंटा 40 मिनट (100 मिनट)
दिल्ली से लखनऊ समय लगभग 2 घंटे 10 मिनट

यह ट्रेन दिल्ली, नोएडा, जेवर एयरपोर्ट, मथुरा, आगरा, फिरोजाबाद, इटावा, कन्नौज, रायबरेली, प्रयागराज, लखनऊ, नया भदोही और वाराणसी जैसे प्रमुख स्टेशनों को जोड़ेगी। इसके अलावा लखनऊ और अयोध्या के बीच 123 किमी का एक अलग स्पर भी बनाने का प्रस्ताव है। NHSRCL अब नोएडा एयरपोर्ट, मथुरा और आगरा स्टेशनों के पास व्यावसायिक परिसर विकसित करने के लिए यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (YEIDA) से जमीन के लिए संपर्क कर रहा है। इस प्रोजेक्ट का मुख्य उद्देश्य जेवर इंटरनेशनल एयरपोर्ट और दिल्ली-मुंबई औद्योगिक कॉरिडोर (DMIC) के जरिए उत्तर प्रदेश के आर्थिक और औद्योगिक विकास को गति देना है।