UP के BKT बरगदी में निकला 4 मोहर्रम का जुलूस, योगी सरकार ने जारी की सख्त गाइडलाइन

UP/BKT : लखनऊ के बीकेटी स्थित बरगदी में शिया समुदाय ने पूरी अकीदत के साथ 4 मोहर्रम का जुलूस निकाला। इस दौरान लोगों ने कर्बला के शहीदों को याद किया और गम मनाया। कमेटी के सेक्रेटरी सियासत हुसैन भूरी ने बताया कि इस जुलूस की

UP/BKT : लखनऊ के बीकेटी स्थित बरगदी में शिया समुदाय ने पूरी अकीदत के साथ 4 मोहर्रम का जुलूस निकाला। इस दौरान लोगों ने कर्बला के शहीदों को याद किया और गम मनाया। कमेटी के सेक्रेटरी सियासत हुसैन भूरी ने बताया कि इस जुलूस की शुरुआत सैनुल हुसैन के घर से हुई थी।

इस बीच उत्तर प्रदेश सरकार ने मोहर्रम 2026 के लिए कड़े नियम लागू किए हैं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने साफ कहा है कि मोहर्रम श्रद्धा और मातम का मौका है, इसे किसी भी तरह के शक्ति प्रदर्शन के लिए इस्तेमाल नहीं किया जाना चाहिए। सरकार ने निर्देश दिया है कि किसी भी जिले में कोई नया जुलूस या नई परंपरा शुरू नहीं होगी और कानून-व्यवस्था के साथ कोई समझौता नहीं किया जाएगा।

सरकार की गाइडलाइन के मुताबिक, ताजिया की ऊंचाई 10 से 12 फीट से ज्यादा नहीं होनी चाहिए। जुलूस के दौरान किसी भी तरह के हथियार लहराने या प्रदर्शन करने पर पूरी तरह रोक लगा दी गई है। साथ ही डीजे, बैंड और ढोल-ताशों की आवाज भी तय मानकों के हिसाब से ही रखनी होगी। इन नियमों को तोड़ने वालों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।

इन नियमों पर शिया चांद कमेटी के अध्यक्ष मौलाना सैफ अब्बास ने कहा कि समुदाय पहले से ही पारंपरिक तरीके से मोहर्रम मनाता है और ज्यादातर नियम पहले से ही लागू हैं। उन्होंने बताया कि हादसों से बचने के लिए ताजियों की ऊंचाई पहले भी 12 फीट से कम रखी जाती रही है। साथ ही कमा और जंजीर का मातम उनकी परंपरा का हिस्सा है और यह पहले की तरह जारी रहेगा।

लखनऊ में मोहर्रम के जुलूस और बड़े मंगल के भंडारे के लिए अनुमति लेना अब जरूरी कर दिया गया है। यह आदेश 21 मई से 19 जुलाई 2026 तक लागू रहेगा। शांति बनाए रखने के लिए 21 और 22 जून को बरडीहा और मझिआंव थाने में शांति समिति की बैठकें भी की जाएंगी, जिसमें सुरक्षा और जुलूस के रास्तों पर चर्चा होगी।