Bihar और UP: उत्तर प्रदेश और बिहार को जोड़ने वाली पनियहवा-मदनपुर सड़क के निर्माण के लिए वन विभाग ने NOC जारी कर दी है। इस मंजूरी के बाद अब इस महत्वपूर्ण मार्ग के निर्माण का रास्ता साफ हो गया है, जिससे दोनों राज्यों के बी
Bihar और UP: उत्तर प्रदेश और बिहार को जोड़ने वाली पनियहवा-मदनपुर सड़क के निर्माण के लिए वन विभाग ने NOC जारी कर दी है। इस मंजूरी के बाद अब इस महत्वपूर्ण मार्ग के निर्माण का रास्ता साफ हो गया है, जिससे दोनों राज्यों के बीच आवाजाही आसान होगी और समय की बचत होगी।
नया रूट और NH-727A की घोषणा
मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने 16 जनवरी 2026 को मदनपुर से पनियहवा तक एक नई सड़क NH-727A बनाने की घोषणा की है। इस प्रोजेक्ट का मुख्य मकसद बगहा और गोरखपुर के बीच की दूरी को कम करना है। इससे पश्चिम चंपारण और उत्तर प्रदेश के बीच व्यापार और पर्यटन को काफी बढ़ावा मिलेगा। सरकार ने इस दिशा में 717.12 करोड़ रुपये की योजनाओं की समीक्षा की है।
वैकल्पिक मार्ग और निर्माण की तैयारी
भारत सरकार ने वाल्मीकि टाइगर रिजर्व के बाहर करीब 19 किलोमीटर लंबे एक वैकल्पिक रास्ते को मंजूरी दी है। यह नया 2-लेन मार्ग NH-727 के किमी 83 से शुरू होकर गंडक नदी को पार करते हुए बिहार के नैनाहा, तुरखी और नरकाहवा गांवों से गुजरेगा और अंत में यूपी के बेलवनिया और डोमन पट्टी गांवों के बीच समाप्त होगा। इसके अलावा, मदनपुर मोड़ से पनियहवा तक 5.8 किलोमीटर सड़क को चलने लायक बनाने के लिए 2.25 करोड़ रुपये का टेंडर भी जारी किया गया है।
वन विभाग की रोक से क्यों हुआ था विलंब
यह सड़क वाल्मीकि वन्यजीव अभयारण्य और टाइगर रिजर्व से होकर गुजरती थी, जिसकी वजह से वन विभाग ने लंबे समय तक निर्माण और कालीकरण पर रोक लगा रखी थी। इस कारण सड़क जर्जर हो गई थी और जून 2025 तक इसके 6 किलोमीटर के हिस्से में 100 से ज्यादा गड्ढे हो गए थे। अब नए अलाइनमेंट और NOC मिलने से इस समस्या का समाधान होने की उम्मीद है।
Frequently Asked Questions (FAQs)
पनियहवा-मदनपुर सड़क का नया रूट क्या है?
नया वैकल्पिक मार्ग वाल्मीकि टाइगर रिजर्व के बाहर से निकलेगा। यह NH-727 के किमी 83 से शुरू होकर गंडक नदी और बिहार के नैनाहा, तुरखी, नरकाहवा गांवों से होते हुए यूपी के बेलवनिया और डोमन पट्टी के बीच समाप्त होगा।
NH-727A सड़क परियोजना का उद्देश्य क्या है?
इस परियोजना का मुख्य उद्देश्य बगहा और गोरखपुर के बीच की दूरी को कम करना और बिहार के पश्चिम चंपारण तथा उत्तर प्रदेश के बीच व्यापार, संपर्क और पर्यटन को बढ़ावा देना है।