UP, Bihar और Maharashtra के छोटे शहरों में खुलेंगे ग्लोबल ऑफिस, युवाओं को मिलेगी हाई-पेइंग नौकरी
Finance: अब बड़ी कंपनियों के ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर (GCC) सिर्फ बेंगलुरु या मुंबई जैसे बड़े शहरों तक सीमित नहीं रहेंगे। दिल्ली में आयोजित CII GCC समिट में उत्तर प्रदेश, बिहार, महाराष्ट्र और केरल जैसी राज्य सरकारों ने अप
Finance: अब बड़ी कंपनियों के ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर (GCC) सिर्फ बेंगलुरु या मुंबई जैसे बड़े शहरों तक सीमित नहीं रहेंगे। दिल्ली में आयोजित CII GCC समिट में उत्तर प्रदेश, बिहार, महाराष्ट्र और केरल जैसी राज्य सरकारों ने अपने छोटे शहरों (Tier-II और Tier-III) को नए ग्रोथ हब बनाने का प्लान पेश किया है। इसका सीधा मतलब है कि अब छोटे शहरों के पढ़े-लिखे युवाओं को नौकरी के लिए बड़े महानगरों की तरफ नहीं भागना पड़ेगा।
मुख्य आर्थिक सलाहकार (CEA) V Anantha Nageswaran ने बताया कि सरकार बजट के जरिए इन सेंटर्स को बढ़ावा दे रही है ताकि आर्थिक अवसर केवल बड़े शहरों तक न रहें। उन्होंने कहा कि AI के दौर में कंपनियों को स्किल्ड वर्कफोर्स तैयार करने पर जोर देना होगा।
अलग-अलग राज्यों ने इन कंपनियों को लुभाने के लिए भारी छूट और सब्सिडी का ऐलान किया है, जिसकी जानकारी नीचे दी गई है:
| राज्य | मुख्य लक्ष्य और योजना | प्रमुख सब्सिडी और लाभ |
|---|---|---|
| Uttar Pradesh | लखनऊ और अन्य छोटे शहरों को हब बनाना | 30-50% जमीन सब्सिडी, 100% स्टैंप ड्यूटी छूट, 25% कैपिटल सब्सिडी (₹10-25 करोड़ तक) |
| Maharashtra | नागपुर, नासिक और संभाजी नगर का विस्तार | 400 नए GCC और 4 लाख नौकरियां, 20% कैपिटल सब्सिडी, ₹1 लाख से ऊपर की सैलरी पर 40-50% पेरोल सब्सिडी |
| Bihar | मेगा टेक सिटी और फिनटेक सिटी का निर्माण | 30% कैपिटल सब्सिडी (₹50 करोड़ तक), बिहार के निवासियों को नौकरी पर रखने पर विशेष लाभ |
| Kerala | AI आधारित सेंटर्स और डिजिटल कनेक्टिविटी | 40 से बढ़ाकर 120 GCC करना, 2 लाख प्रोफेशनल्स के लिए रोजगार का लक्ष्य |
उत्तर प्रदेश के आईटी सचिव आलोक कुमार ने बताया कि नोएडा में पहले से 500 से ज्यादा GCC यूनिट्स हैं और अब लखनऊ जैसे शहरों की बारी है। वहीं बिहार सरकार ने अपनी नई GCC पॉलिसी 2026 के तहत Google India को भी राज्य में सेंटर खोलने का न्योता दिया है। महाराष्ट्र सरकार का लक्ष्य साल 2030 तक ₹50,600 करोड़ का निवेश लाना है। केरल अपनी हाई क्वालिटी ऑफ लाइफ और आईटी पार्कों के जरिए कंपनियों को आकर्षित कर रहा है।