UP, Bihar : उत्तर प्रदेश और बिहार के मक्का किसानों के लिए बहुत अच्छी खबर है। केंद्रीय मंत्री Nitin Gadkari ने बताया कि मक्के से ethanol बनाने की वजह से किसानों की आमदनी में भारी बढ़ोतरी हुई है। इस पहल से किसानों को करीब
UP, Bihar : उत्तर प्रदेश और बिहार के मक्का किसानों के लिए बहुत अच्छी खबर है। केंद्रीय मंत्री Nitin Gadkari ने बताया कि मक्के से ethanol बनाने की वजह से किसानों की आमदनी में भारी बढ़ोतरी हुई है। इस पहल से किसानों को करीब 42,000 करोड़ से 45,000 करोड़ रुपये का फायदा हुआ है। अब मक्के की खेती करना किसानों के लिए पहले से ज्यादा फायदेमंद हो गया है।
मक्के के दाम में कितनी बढ़ोतरी हुई?
पहले मक्के का बाजार भाव न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) से काफी कम रहता था, जिससे किसानों को नुकसान होता था। लेकिन ethanol उत्पादन शुरू होने के बाद कीमतों में बड़ा उछाल आया है।
- पहले मक्के की कीमत करीब 1,200 रुपये प्रति क्विंटल थी।
- अब यह बढ़कर 2,400 से 2,800 रुपये प्रति क्विंटल तक पहुंच गई है।
- इथेनॉल सप्लाई ईयर 2024-25 में कुल उत्पादन में मक्के की हिस्सेदारी बढ़कर 48% हो गई है।
सरकार का अगला लक्ष्य और E85 फ्यूल क्या है?
Nitin Gadkari ने कहा कि भारत को जल्द ही 100% ethanol blending का लक्ष्य रखना चाहिए ताकि विदेशों से महंगे कच्चे तेल का आयात कम हो सके। सरकार अब E85 के लिए ड्राफ्ट नियम लाने की तैयारी कर रही है, जिसमें 85% इथेनॉल मिला होगा।
| विवरण |
जानकारी |
| E20 पेट्रोल की अनिवार्यता |
1 अप्रैल 2026 से पूरे भारत में लागू |
| विदेशी मुद्रा की बचत |
1,55,000 करोड़ रुपये से ज्यादा |
| GDP में योगदान |
12,000 करोड़ रुपये (19 महीने में) |
| GST कलेक्शन |
600 करोड़ रुपये |
| रोजगार के अवसर |
करीब 6.75 लाख प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष नौकरियां |
आम आदमी और पर्यावरण पर क्या होगा असर?
इथेनॉल के इस्तेमाल से न केवल किसानों की जेब भरी है, बल्कि पर्यावरण को भी फायदा हुआ है क्योंकि इससे CO2 उत्सर्जन कम हुआ है। हालांकि, E85 ईंधन के लिए नए तरह के flex-fuel इंजन वाले वाहनों की जरूरत होगी, क्योंकि साधारण पेट्रोल इंजन इतने ज्यादा अल्कोहल वाले ईंधन के लिए नहीं बने होते हैं।