UP, Bihar और Delhi समेत 16 राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट, IMD ने जारी की चेतावनी

UP, Bihar, Delhi: मौसम विभाग (IMD) ने 29 जुलाई के लिए उत्तर प्रदेश, बिहार और दिल्ली समेत देश के 16 राज्यों में भारी बारिश, आंधी और बिजली गिरने का अलर्ट जारी किया है। बंगाल की खाड़ी से आए एक गहरे दबाव के कारण मानसून और मज

UP, Bihar, Delhi: मौसम विभाग (IMD) ने 29 जुलाई के लिए उत्तर प्रदेश, बिहार और दिल्ली समेत देश के 16 राज्यों में भारी बारिश, आंधी और बिजली गिरने का अलर्ट जारी किया है। बंगाल की खाड़ी से आए एक गहरे दबाव के कारण मानसून और मजबूत हो गया है, जिससे आने वाले कुछ दिनों तक इन राज्यों में झमाझम बारिश होने की संभावना है।

दिल्ली में भारी से बहुत भारी बारिश के साथ बिजली कड़कने और तूफान आने की उम्मीद है। मौसम विभाग के मुताबिक, दिन के समय बारिश की संभावना 70 प्रतिशत है और यह सक्रिय मानसून बुधवार तक जारी रह सकता है। इससे पहले 28 जुलाई को दिल्ली के कनॉट प्लेस और सदर बाजार जैसे इलाकों में भारी जलभराव हो गया था, जिससे ट्रैफिक जाम की स्थिति बनी रही। इंदिरा गांधी इंटरनेशनल (IGI) एयरपोर्ट पर उड़ानों में देरी की संभावना को देखते हुए एयरलाइंस ने भी एडवाइजरी जारी की है।

उत्तर प्रदेश में पश्चिमी इलाकों में बहुत भारी बारिश और पूर्वी यूपी में भारी बारिश का अनुमान है। लखनऊ में दिन के समय छिटपुट गरज-चमक के साथ बारिश हो सकती है। मेरठ, प्रयागराज, आगरा, झांसी, बरेली और मिर्जापुर जैसे जिलों में 2 अगस्त तक भारी बारिश का अलर्ट है। गाजियाबाद और नोएडा में 31 जुलाई तक भारी बारिश हो सकती है, साथ ही गाजियाबाद में 40 से 70 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की चेतावनी दी गई है।

बिहार में भी बारिश का असर बढ़ेगा। पटना, गया, मुजफ्फरपुर, पूर्णिया और भागलपुर समेत राज्य के ज्यादातर हिस्सों में भारी बारिश की संभावना है। पटना में दिन में हल्की बारिश और रात में बादल छाए रह सकते हैं। IMD ने 29 और 30 जुलाई को राज्य में बिजली गिरने और तेज हवाओं की चेतावनी दी है, खासकर दक्षिण-पश्चिम बिहार के कुछ इलाकों में भारी बारिश हो सकती है।

मौसम विभाग ने लोगों को सलाह दी है कि तूफान के दौरान खुले मैदानों, ऊंचे पेड़ों और बिजली के खंभों से दूर रहें। किसानों को अपने खेतों की जल निकासी सही रखने और फिलहाल सिंचाई या खाद डालने का काम रोकने को कहा गया है। भारी बारिश की वजह से पहाड़ी इलाकों में भूस्खलन और मैदानी इलाकों में जलभराव व बिजली कटौती जैसी समस्याएं हो सकती हैं।