UP और Bihar के भितहा क्षेत्र में इस समय भीषण गर्मी पड़ रही है जिससे किसान बेहद परेशान हैं। तापमान इतना बढ़ गया है कि खेतों में गन्ना, केला और कई तरह की सब्जियां सूखने लगी हैं। 4 जून को यहाँ का रियलफील तापमान 111°F से 117
UP और Bihar के भितहा क्षेत्र में इस समय भीषण गर्मी पड़ रही है जिससे किसान बेहद परेशान हैं। तापमान इतना बढ़ गया है कि खेतों में गन्ना, केला और कई तरह की सब्जियां सूखने लगी हैं। 4 जून को यहाँ का रियलफील तापमान 111°F से 117°F तक दर्ज किया गया, जिससे फसलों पर बुरा असर पड़ा है।
किसानों को कृषि विभाग ने क्या सलाह दी है?
कृषि विभाग और विशेषज्ञों ने फसलों को बचाने के लिए जरूरी निर्देश जारी किए हैं। जिला गन्ना अधिकारी मनोज कुमार ने कहा है कि गन्ने की फसल में पानी की कमी न होने दें और हर हफ्ते सिंचाई करें। यूरिया खाद डालने के लिए बारिश का इंतजार करने की सलाह दी गई है। साथ ही, सब्जियों को लू से बचाने के लिए सुबह या शाम को हल्की सिंचाई करने और शेड नेट या प्लास्टिक मल्चिंग का इस्तेमाल करने को कहा गया है।
कौन सी फसलें सबसे ज्यादा प्रभावित हुई हैं?
गर्मी के कारण गन्ने की फसल सूख रही है और उपज घटने का डर है। बिहार और यूपी में टमाटर, मिर्च, बैंगन, खीरा, करेला, प्याज, मूंग, उड़द और भिंडी जैसी सब्जियां बुरी तरह प्रभावित हुई हैं। इन फसलों में वृद्धि कम हो गई है और फल छोटे या विकृत हो रहे हैं। सहरसा जैसे इलाकों में मछली और मखाना की खेती करने वाले किसानों को तालाबों का जलस्तर घटने से ज्यादा खर्च करना पड़ रहा है।
फसलों को बचाने के लिए कौन से उपाय कारगर हैं?
विशेषज्ञों के अनुसार, भीषण गर्मी से निपटने के लिए ड्रिप सिंचाई और मल्चिंग सबसे बेहतर तरीके हैं। पौधों पर समुद्री शैवाल, अमीनो एसिड, पोटाश और 1 प्रतिशत कैल्शियम नाइट्रेट का छिड़काव करने से उन्हें ताकत मिलती है। किसानों को सलाह दी गई है कि वे मौसम विभाग के पूर्वानुमान पर नजर रखें और केवल वैज्ञानिक सलाह के बाद ही दवाओं का उपयोग करें।
Frequently Asked Questions (FAQs)
गन्ने की फसल को गर्मी से कैसे बचाएं?
जिला गन्ना अधिकारी के अनुसार, गन्ने की फसल में हर हफ्ते सिंचाई करें ताकि पानी की कमी न हो और यूरिया खाद का इस्तेमाल केवल बारिश के बाद ही करें।
सब्जियों को लू से बचाने के लिए क्या करें?
सब्जियों के लिए सुबह या शाम को हल्की सिंचाई करें, 25-50 प्रतिशत ग्रीन नेट का उपयोग करें और पोटाश युक्त खाद का इस्तेमाल करें।