UP के बांदा का शख्स राजस्थान में मिला, 10 साल पहले परिवार ने मान लिया था मृत, किया था पिंडदान

Banda/Bharatpur : उत्तर प्रदेश के बांदा जिले के रहने वाले दशरथ नाम के एक व्यक्ति की कहानी किसी फिल्मी कहानी से कम नहीं है. वह 10 साल पहले अचानक घर से लापता हो गए थे, जिसके बाद उनके परिवार ने उन्हें मृत मान लिया था. परिवा

Banda/Bharatpur : उत्तर प्रदेश के बांदा जिले के रहने वाले दशरथ नाम के एक व्यक्ति की कहानी किसी फिल्मी कहानी से कम नहीं है. वह 10 साल पहले अचानक घर से लापता हो गए थे, जिसके बाद उनके परिवार ने उन्हें मृत मान लिया था. परिवार ने तो उनका पिंडदान तक कर दिया था, लेकिन किस्मत ने ऐसा मोड़ लिया कि वह जिंदा मिले और अब अपने परिवार के पास वापस लौट आए हैं.

जानकारी के मुताबिक, दशरथ मानसिक बीमारी के कारण घर छोड़कर चले गए थे. 15 सितंबर 2014 को उन्हें मुजफ्फरनगर के शुक्रताल से लाकर राजस्थान के भरतपुर स्थित ‘अपना घर आश्रम’ में भर्ती कराया गया था. आश्रम के स्टाफ और रिहैबिलिटेशन टीम ने उनकी देखभाल की और उनका इलाज चलाया. धीरे-धीरे उनकी सेहत में सुधार हुआ और वह अपनी पहचान और घर का पता बताने में सक्षम हुए.

आश्रम की टीम ने जब उनके बताए पते पर संपर्क किया, तो उनके परिवार को यह खबर मिली कि दशरथ जिंदा हैं. उनके गांव के प्रधान ने भी इस खबर को पुख्ता करने में मदद की. दशरथ की पत्नी, उनकी बहन सियारानी और उनके दो बच्चे इस खबर को सुनकर बेहद खुश हुए. हालांकि, इस बीच उनके एक बेटे की बीमारी की वजह से मौत हो गई थी, जिसका दुख परिवार को है.

रिपोर्ट्स के मुताबिक, दशरथ की हथेलियां कटी हुई मिली थीं, जिससे अंदाजा लगाया गया कि वह किसी हादसे का शिकार हुए होंगे. ‘अपना घर आश्रम’ की कोशिशों की वजह से एक परिवार फिर से एक हो पाया है और दशरथ अब अपने अपनों के साथ हैं.