UP : आजाद समाज पार्टी (कांशीराम) ने आने वाले विधानसभा चुनाव के लिए अपनी कमर कस ली है। पार्टी ने तय किया है कि वह इस बार किसी भी बड़े दल के साथ गठबंधन नहीं करेगी और अपने दम पर चुनाव लड़ेगी। इसी तैयारी के तहत 13 से 18 जून,
UP : आजाद समाज पार्टी (कांशीराम) ने आने वाले विधानसभा चुनाव के लिए अपनी कमर कस ली है। पार्टी ने तय किया है कि वह इस बार किसी भी बड़े दल के साथ गठबंधन नहीं करेगी और अपने दम पर चुनाव लड़ेगी। इसी तैयारी के तहत 13 से 18 जून, 2026 तक लखनऊ में उन लोगों के इंटरव्यू लिए जा रहे हैं जो चुनाव लड़ना चाहते हैं।
टिकट के लिए चयन प्रक्रिया और नियम क्या हैं?
पार्टी अध्यक्ष और नगीना सांसद चंद्रशेखर आजाद खुद इन साक्षात्कारों को संभाल रहे हैं। उम्मीदवारों को चुनने के लिए उनकी जनता में पकड़, संगठन के प्रति सक्रियता और चुनाव जीतने की क्षमता देखी जा रही है। इंटरव्यू के दौरान दावेदारों को अपनी लिखित रिपोर्ट साथ लानी होगी और उनके साथ जोन प्रभारी, मंडल प्रभारी और जिलाध्यक्ष का होना भी जरूरी है।
किस दिन किस मंडल के दावेदार लखनऊ पहुंचेंगे?
पार्टी ने इंटरव्यू के लिए एक मंडलवार लिस्ट जारी की है ताकि भीड़ न हो। 13 जून को सहारनपुर, मेरठ और मुरादाबाद मंडल के लोग बुलाए गए। 14 जून को बरेली, आगरा, अलीगढ़, कानपुर, चित्रकूट और झांसी मंडल की बारी है। 15 जून को लखनऊ, अयोध्या, देवीपाटन, गोरखपुर, बस्ती और आजमगढ़ मंडल के दावेदार आएंगे, जबकि 16 जून को वाराणसी, मिर्जापुर और प्रयागराज मंडल के लोगों का इंटरव्यू होगा।
पार्टी ने चुनाव जीतने पर क्या वादे किए हैं?
आजाद समाज पार्टी ने साफ किया है कि वह योग्य और मेहनती उम्मीदवारों को ही मौका देगी। पार्टी ने अपने एजेंडे में सरकार बनाने पर शराबबंदी करने और न्यूनतम मजदूरी को बढ़ाकर 750 रुपये करने जैसे वादे शामिल किए हैं। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि पार्टी के अकेले चुनाव लड़ने से कई सीटों पर मुकाबला त्रिकोणीय या चतुष्कोणीय हो सकता है जिससे अन्य दलों के समीकरण बदल सकते हैं।
Frequently Asked Questions (FAQs)
आजाद समाज पार्टी के टिकट दावेदारों के इंटरव्यू कब और कहां हो रहे हैं?
टिकट दावेदारों के साक्षात्कार 13 से 18 जून, 2026 तक लखनऊ में आयोजित किए जा रहे हैं, जिसका संचालन स्वयं चंद्रशेखर आजाद कर रहे हैं।
क्या आजाद समाज पार्टी किसी अन्य दल के साथ गठबंधन करेगी?
नहीं, पार्टी ने आधिकारिक तौर पर घोषणा की है कि वह उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव बिना किसी बड़े दल के साथ गठबंधन के अकेले लड़ेगी।