UP में अजय राय और मुकेश सहनी हाउस अरेस्ट, राम मंदिर दर्शन और निषाद समाज कार्यक्रम को लेकर प्रशासन की कार्रवाई
UP: उत्तर प्रदेश में राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। अयोध्या में कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष अजय राय और लखनऊ में बिहार के पूर्व मंत्री मुकेश सहनी को नजरबंद कर लिया गया है। प्रशासन ने सुरक्षा और कानून-व्यवस्था का हवाला देते हुए य
UP: उत्तर प्रदेश में राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। अयोध्या में कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष अजय राय और लखनऊ में बिहार के पूर्व मंत्री मुकेश सहनी को नजरबंद कर लिया गया है। प्रशासन ने सुरक्षा और कानून-व्यवस्था का हवाला देते हुए यह कदम उठाया है, जिसे विपक्षी नेताओं ने लोकतंत्र पर हमला बताया है।
अजय राय 30 जून 2026 को अयोध्या के एक होटल में हाउस अरेस्ट किए गए। वह कांग्रेस के एक प्रतिनिधिमंडल के साथ राम मंदिर दर्शन करने जा रहे थे। इस दल में सांसद किशोरी लाल शर्मा, राकेश राठौर, उज्ज्वल रमन सिंह और तनुज पुनिया जैसे नेता शामिल थे। पुलिस का कहना है कि राम मंदिर में दान के हेरफेर से जुड़े विवाद के बीच इस दौरे को रोकना जरूरी था ताकि जांच में कोई बाधा न आए। साथ ही प्रशासन ने किसी भी पदयात्रा की अनुमति नहीं दी थी। अजय राय ने इस कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए कहा कि सरकार उनके मंदिर जाने से डर रही है और जब तक अनुमति नहीं मिलेगी, वह अयोध्या नहीं छोड़ेंगे। कांग्रेस ने इसे कायरतापूर्ण कदम बताया है।
वहीं दूसरी ओर, विकासशील इंसान पार्टी (VIP) के संस्थापक मुकेश सहनी को 29 जून 2026 को लखनऊ में नजरबंद किया गया। उनकी यह नजरबंदी पहले 30 जून की दोपहर तक थी, जिसे बाद में बढ़ाकर उसी दिन की मध्यरात्रि तक कर दिया गया। पुलिस ने शाहजहांपुर के एसपी के पत्र का हवाला दिया और कहा कि सहनी की यात्रा से सामाजिक सौहार्द और कानून-व्यवस्था बिगड़ सकती है। वह शाहजहांपुर में निषाद समाज के एक कार्यक्रम में शामिल होने वाले थे। मुकेश सहनी ने इस पर प्रतिक्रिया देते हुए इसे अघोषित आपातकाल करार दिया। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार निषाद समाज की अलग पहचान बनने से डर रही है और लोकतांत्रिक आवाजों को दबाया जा रहा है।