UP में आगरा-लखनऊ और पूर्वांचल एक्सप्रेसवे को जोड़ने वाले लिंक एक्सप्रेसवे का बदलेगा रास्ता, योगी सरकार ने दी मंजूरी

UP: उत्तर प्रदेश की योगी सरकार ने आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे और पूर्वांचल एक्सप्रेसवे को आपस में जोड़ने वाले लिंक एक्सप्रेसवे के अलाइनमेंट में बदलाव को मंजूरी दे दी है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में 21 जुलाई 202

UP: उत्तर प्रदेश की योगी सरकार ने आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे और पूर्वांचल एक्सप्रेसवे को आपस में जोड़ने वाले लिंक एक्सप्रेसवे के अलाइनमेंट में बदलाव को मंजूरी दे दी है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में 21 जुलाई 2026 को हुई कैबिनेट बैठक में इस प्रस्ताव पर मुहर लगाई गई। इस फैसले का मुख्य मकसद घनी आबादी वाले इलाकों को बचाना है ताकि लोगों को कम परेशानी हो।

यह बदलाव खास तौर पर लखनऊ-कानपुर (NH-27) और लखनऊ-रायबरेली (NH-30) हाईवे के पास बसे घनी आबादी वाले क्षेत्रों को ध्यान में रखकर किया गया है। रास्ते में बदलाव होने की वजह से अब इस लिंक एक्सप्रेसवे की कुल लंबाई 1.18 किलोमीटर बढ़ जाएगी। पहले इसकी लंबाई 49.80 किलोमीटर तय की गई थी, जो अब बढ़कर 50.98 किलोमीटर हो गई है।

वित्त मंत्री सुरेश खन्ना ने साफ किया है कि लंबाई बढ़ने के बावजूद इस प्रोजेक्ट की कुल लागत में कोई बढ़ोतरी नहीं होगी। उन्होंने बताया कि प्रोजेक्ट का कुल बजट लगभग 4775 करोड़ रुपये ही रहेगा। अतिरिक्त दूरी की वजह से होने वाले खर्च की भरपाई अन्य निर्माण कार्यों में की जाएगी। उदाहरण के लिए, कुछ जगहों पर प्रस्तावित इंटरचेंज की जगह अब अंडरपास बनाए जाएंगे, जिससे पैसों की बचत होगी।

यह लिंक एक्सप्रेसवे छह लेन का होगा और इसमें एंट्री कंट्रोल सिस्टम रहेगा। भविष्य की जरूरतों को देखते हुए इसे आठ लेन तक बढ़ाया जा सकेगा। इस प्रोजेक्ट के पूरा होने से पश्चिमी और पूर्वी उत्तर प्रदेश के बीच सीधा संपर्क हो जाएगा, जिससे लखनऊ शहर के अंदर ट्रैफिक का दबाव कम होगा और इलाके में आर्थिक गतिविधियां बढ़ेंगी।