UP के लखनऊ समेत 6 जिलों में मिलेंगे सस्ते मकान, 13 लाख से ज्यादा परिवारों को होगा फायदा
UP/Lucknow: उत्तर प्रदेश के लखनऊ और आसपास के पांच जिलों में रहने वाले गरीब और मध्यम वर्ग के परिवारों के लिए अच्छी खबर है। राज्य सरकार ने राज्य राजधानी क्षेत्र (SCR) के विकास के तहत लाखों किफायती आवास बनाने की योजना तैयार
UP/Lucknow: उत्तर प्रदेश के लखनऊ और आसपास के पांच जिलों में रहने वाले गरीब और मध्यम वर्ग के परिवारों के लिए अच्छी खबर है। राज्य सरकार ने राज्य राजधानी क्षेत्र (SCR) के विकास के तहत लाखों किफायती आवास बनाने की योजना तैयार की है। इससे करीब 33.40 लाख लोगों को अपने घर का सपना पूरा करने में मदद मिलेगी।
राज्य राजधानी क्षेत्र (SCR) के विभिन्न विभागों की 10 जुलाई 2026 को हुई बैठक में यह अनुमान लगाया गया कि साल 2051 तक इस पूरे इलाके में कुल 48.75 लाख मकानों की जरूरत होगी। इनमें से 13.36 लाख मकान सस्ते या किफायती श्रेणी के होंगे। लखनऊ विकास प्राधिकरण (LDA) के उपाध्यक्ष प्रथमेश कुमार ने बताया कि इन आवासीय योजनाओं को कुल 70,000 एकड़ जमीन पर विकसित किया जाएगा, जिसमें पहले चरण में 9,940 एकड़ जमीन का इस्तेमाल होगा।
इस योजना का लाभ लखनऊ, उन्नाव, रायबरेली, सीतापुर, बाराबंकी और हरदोई जिलों के लोगों को मिलेगा। सरकार ने इन आवासों का बंटवारा अलग-अलग आय वर्गों के हिसाब से तय किया है। इसमें निम्न आय वर्ग (LIG) के लिए 35%, मध्यम आय वर्ग (MIG) के लिए 25%, उच्च आय वर्ग (HIG) के लिए 30% और आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (EWS) के लिए 10% मकान प्रस्तावित हैं।
लखनऊ में ये मकान मुख्य रूप से सीतापुर रोड पर नैमिष नगर, आगरा एक्सप्रेसवे के पास वरुण विहार, और सुलतानपुर रोड पर आईटी सिटी व वेलनेस सिटी जैसी स्कीमों के तहत बनाए जाएंगे। इसके अलावा सीतापुर के नैमिषारण्य, हरदोई के संडीला इंडस्ट्रियल एरिया, बाराबंकी में सूडा, उन्नाव के नवाबगंज और रायबरेली के बछरावां में भी हाउसिंग बोर्ड की योजनाएं आएंगी।
मकानों के साथ-साथ कनेक्टिविटी पर भी जोर दिया जा रहा है। 18 जुलाई 2026 को बताया गया कि ‘राज्य राजधानी माला रोड’ प्रोजेक्ट अगले छह महीने में शुरू हो जाएगा, जिससे लखनऊ पूरे क्षेत्र का आर्थिक और ट्रैफिक सेंटर बन जाएगा। साथ ही, औद्योगिक इकाइयों के लिए यह अनिवार्य होगा कि वे अपनी 30 प्रतिशत जमीन पर मजदूरों के लिए किराए के सस्ते मकान बनाएं, ताकि कानपुर, नोएडा और गाजियाबाद जैसे शहरों में काम करने वाले श्रमिकों को सुविधा मिले।
हाल ही में उत्तर प्रदेश आवास विकास परिषद ने मोहनलालगंज की सौमित्र विहार योजना के तहत जमीन देने वाले किसानों को 192 प्लॉट दिए हैं। यह योजना लैंड पूलिंग मॉडल पर आधारित है और अगले महीने आम जनता के लिए खुलेगी। इसके अलावा, प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण के तहत यूपी के लिए 6.18 लाख नए ग्रामीण मकानों को भी मंजूरी मिल चुकी है।