UP के 84 छोटे रेलवे स्टेशन बनेंगे हाईटेक, ₹178 करोड़ से बदलेगी सूरत; लखनऊ के इन स्टेशनों पर मिलेंगी आधुनिक सुविधाएं
UP: उत्तर प्रदेश के छोटे रेलवे स्टेशनों पर सफर करने वाले यात्रियों के लिए अच्छी खबर है। राज्य के 84 छोटे स्टेशनों का कायाकल्प किया जाएगा, जिस पर करीब 178 करोड़ रुपये खर्च होंगे। इस कदम से चारबाग, अयोध्या और वाराणसी जैसे
UP: उत्तर प्रदेश के छोटे रेलवे स्टेशनों पर सफर करने वाले यात्रियों के लिए अच्छी खबर है। राज्य के 84 छोटे स्टेशनों का कायाकल्प किया जाएगा, जिस पर करीब 178 करोड़ रुपये खर्च होंगे। इस कदम से चारबाग, अयोध्या और वाराणसी जैसे बड़े स्टेशनों पर भीड़ कम होगी और यात्रियों को अपने नजदीकी स्टेशनों पर ही बेहतर सुविधाएं मिल सकेंगी।
यह पूरा प्रोजेक्ट ‘अमृत भारत स्टेशन योजना’ का हिस्सा है, जिसे रेल मंत्रालय ने दिसंबर 2022 में शुरू किया था। रेलवे बोर्ड ने इसके लिए बजट आवंटित कर दिया है और संबंधित जोनों को काम शुरू करने के निर्देश दिए हैं। इस योजना में उत्तर रेलवे के लखनऊ और मुरादाबाद मंडल, पूर्वोत्तर रेलवे के वाराणसी, लखनऊ और इज्जतनगर मंडल, और उत्तर मध्य रेलवे के प्रयागराज, आगरा और झांसी मंडल के स्टेशन शामिल हैं।
लखनऊ के आसपास के कई छोटे स्टेशनों का विकास किया जा रहा है, जिससे स्थानीय लोगों को काफी राहत मिलेगी। इनमें मुख्य रूप से निम्नलिखित स्टेशन शामिल हैं:
- मल्हौर
- उतरेटिया
- मानकनगर
- आलमनगर
- ट्रांसपोर्टनगर
- डालीगंज
- मोहिबुल्लापुर
- बादशाहनगर
इन स्टेशनों पर यात्रियों के लिए आधुनिक सुविधाओं की लंबी लिस्ट तैयार की गई है, ताकि सफर आसान और आरामदायक हो सके।
| सुविधा का नाम | विवरण |
|---|---|
| यात्री सुविधा | एस्केलेटर, लिफ्ट, रैंप और बेहतर बैठने की व्यवस्था |
| टिकटिंग और पानी | ऑटोमेटिक टिकट वेंडिंग मशीन और वाटर वेंडिंग मशीन |
| तकनीकी सुविधा | वाई-फाई और इलेक्ट्रॉनिक डिस्प्ले बोर्ड |
| बुनियादी ढांचा | यात्री शेड, वाटर कूलर और ईको एयर फैन |
| सुरक्षा | उन्नत सुरक्षा इंतजाम |
रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव के मुताबिक, अब तक 261 स्टेशनों का काम पूरा हो चुका है। लक्ष्य है कि 2026 तक 400 और 2027 के अंत तक 700 स्टेशनों का पुनर्विकास पूरा कर लिया जाए। इसके अलावा, यूपी में ट्रांसपोर्ट के अन्य विकल्प भी बेहतर हो रहे हैं। लखनऊ मेट्रो के दूसरे चरण का काम जुलाई 2026 से शुरू होने की उम्मीद है, जिसमें चारबाग से बसंत कुंज तक का विस्तार होगा। साथ ही लखनऊ, कानपुर और आगरा मेट्रो के लिए लिफ्ट और एस्केलेटर लगाने की प्रक्रिया भी शुरू हो गई है।