UP के 84 छोटे रेलवे स्टेशन बनेंगे हाईटेक, यात्रियों को मिलेंगी लिफ्ट और वाई-फाई जैसी सुविधाएं

UP: उत्तर प्रदेश के छोटे रेलवे स्टेशनों पर सफर करने वाले यात्रियों के लिए अच्छी खबर है। रेलवे अब 84 छोटे स्टेशनों का कायाकल्प करने जा रहा है, जिससे आम यात्रियों को एयरपोर्ट जैसी सुविधाएं मिलेंगी। इस पूरी योजना पर करीब 17

UP: उत्तर प्रदेश के छोटे रेलवे स्टेशनों पर सफर करने वाले यात्रियों के लिए अच्छी खबर है। रेलवे अब 84 छोटे स्टेशनों का कायाकल्प करने जा रहा है, जिससे आम यात्रियों को एयरपोर्ट जैसी सुविधाएं मिलेंगी। इस पूरी योजना पर करीब 178 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। इसका मुख्य मकसद चारबाग, वाराणसी और गोरखपुर जैसे बड़े स्टेशनों पर भीड़ के दबाव को कम करना है।

इस योजना के तहत उत्तर रेलवे, पूर्वोत्तर रेलवे और उत्तर मध्य रेलवे के स्टेशनों को आधुनिक बनाया जाएगा। रेलवे बोर्ड ने इसके लिए बजट तय कर दिया है और संबंधित जोनों को काम शुरू करने के निर्देश दिए हैं। लखनऊ के आसपास के कई स्टेशन जैसे मल्हौर, मानकनगर, डालीगंज और बादशाहनगर को भी विकसित किया जा रहा है।

इन स्टेशनों पर यात्रियों के लिए निम्नलिखित सुविधाएं उपलब्ध होंगी:

सुविधा का नाम विवरण
आवागमन एस्केलेटर, लिफ्ट और रैंप
टिकटिंग ऑटोमेटिक टिकट वेंडिंग मशीन
पेयजल वाटर वेंडिंग मशीन और वाटर कूलर
डिजिटल सुविधा मुफ्त वाई-फाई और इलेक्ट्रॉनिक डिस्प्ले बोर्ड
यात्री आराम नया यात्री शेड, बैठने की व्यवस्था और ईको एयर फैन
सुरक्षा उन्नत सुरक्षा इंतजाम

इसके अलावा, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 17 जुलाई 2026 को अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत 75 स्टेशनों का उद्घाटन किया, जिनमें यूपी के शामली, विंध्याचल और ऐशबाग जैसे 7 स्टेशन शामिल थे। लखनऊ के चारबाग स्टेशन का पुनर्विकास 400 करोड़ रुपये के बजट से हो रहा है, जिसे जून 2027 तक पूरा करने का लक्ष्य है।

अमृत भारत स्टेशन योजना के जरिए देश भर के 1,309 स्टेशनों को आधुनिक बनाया जा रहा है। इसमें ‘वन स्टेशन वन प्रोडक्ट’ के तहत स्थानीय सामान बेचने के लिए कियोस्क भी लगाए जा रहे हैं। मार्च 2026 तक रेलवे 180 स्टेशनों का काम पूरा कर चुका था और 2027 के अंत तक 700 स्टेशनों को आधुनिक बनाने का लक्ष्य रखा गया है।