Lucknow: UP-112 मुख्यालय पहुंचे डिप्टी कलेक्टर प्रशिक्षु, जाना इमरजेंसी कॉल हैंडलिंग का तरीका
Lucknow: उत्तर प्रदेश प्रशासन एवं प्रबंधन अकादमी में ट्रेनिंग ले रहे 43 डिप्टी कलेक्टर प्रशिक्षु अधिकारियों ने बुधवार को UP-112 मुख्यालय का दौरा किया। दोपहर 2:45 बजे पहुंचे इन अधिकारियों को प्रदेश की इमरजेंसी रिस्पॉन्स स
Lucknow: उत्तर प्रदेश प्रशासन एवं प्रबंधन अकादमी में ट्रेनिंग ले रहे 43 डिप्टी कलेक्टर प्रशिक्षु अधिकारियों ने बुधवार को UP-112 मुख्यालय का दौरा किया। दोपहर 2:45 बजे पहुंचे इन अधिकारियों को प्रदेश की इमरजेंसी रिस्पॉन्स सिस्टम और कॉल हैंडलिंग की पूरी प्रक्रिया समझाई गई। इस दौरे का मकसद भविष्य के प्रशासनिक अधिकारियों को यह बताना था कि आपातकालीन स्थिति में पुलिस और प्रशासन कैसे मिलकर काम करते हैं।
दौरे के दौरान प्रशिक्षु अधिकारियों ने मुख्यालय के अलग-अलग महत्वपूर्ण हिस्सों का भ्रमण किया। उन्होंने ‘CO Hall’ (कॉल टेकिंग सेंटर) में जाकर देखा कि इमरजेंसी कॉल कैसे रिसीव की जाती हैं और कॉल फ्लो का सिस्टम कैसे काम करता है। इसके बाद वे ‘DS Hall’ (डिस्पैच सिस्टम हॉल) पहुंचे, जहां उन्हें Computer-Aided Dispatch (CAD) एप्लीकेशन के बारे में बताया गया। अधिकारियों ने जाना कि कैसे तकनीक की मदद से सूचना मिलते ही तुरंत पुलिस रिस्पॉन्स व्हीकल (PRV) को मौके पर भेजा जाता है।
मुख्यालय के ‘प्रज्ञा कक्ष’ में एक विशेष प्रेजेंटेशन का आयोजन किया गया। इस दौरान पुलिस महानिदेशक (DG), UP-112 विनोद कुमार सिंह ने प्रशिक्षु अधिकारियों से सीधी बातचीत की और उनके सवालों के जवाब दिए। डीजी विनोद कुमार सिंह ने जोर देकर कहा कि इमरजेंसी सेवाओं में तेजी से रिस्पॉन्स देना बहुत जरूरी है। उन्होंने बेहतर गवर्नेंस के लिए पुलिस और प्रशासन के बीच तालमेल बढ़ाने की बात कही। कार्यक्रम के अंत में सभी प्रशिक्षु अधिकारियों को स्मृति चिन्ह भेंट किए गए।