NEET पेपर लीक मामला: केंद्रीय शिक्षा मंत्री Dharmendra Pradhan का इस्तीफा, Lucknow में छात्रों ने बांटी मिठाई

Lucknow: NEET पेपर लीक को लेकर लंबे समय से चल रहे विरोध प्रदर्शनों के बीच शनिवार को एक बड़ा मोड़ आया। केंद्रीय शिक्षा मंत्री Dharmendra Pradhan ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। इस खबर के बाद लखनऊ समेत देश के कई हिस्सों

Lucknow: NEET पेपर लीक को लेकर लंबे समय से चल रहे विरोध प्रदर्शनों के बीच शनिवार को एक बड़ा मोड़ आया। केंद्रीय शिक्षा मंत्री Dharmendra Pradhan ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। इस खबर के बाद लखनऊ समेत देश के कई हिस्सों में छात्रों ने जीत का जश्न मनाया और मिठाई बांटी।

लखनऊ यूनिवर्सिटी, इको गार्डन और परिवर्तन चौक जैसे इलाकों में बड़ी संख्या में युवा जमा हुए। छात्रों ने एक-दूसरे को टॉफियां और मिठाई खिलाई और सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। आजाद समाज पार्टी के अध्यक्ष और सांसद Chandrashekhar Azad ने इको गार्डन में विरोध प्रदर्शन का नेतृत्व किया था। उन्होंने इस इस्तीफे को युवाओं की नैतिक जीत बताया। वहीं, लखनऊ यूनिवर्सिटी के छात्रों ने इसे सरकार की मनमर्जी के खिलाफ अपनी जीत करार दिया।

Dharmendra Pradhan ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर जानकारी दी कि उन्होंने अपना इस्तीफा प्रधानमंत्री Narendra Modi को सौंप दिया है। उन्होंने कहा कि यह कदम इसलिए उठाया गया ताकि देश विरोधी ताकतें इस स्थिति का फायदा न उठा सकें और राष्ट्रीय एकता बनी रहे। उन्होंने यह भी कहा कि वह नहीं चाहते कि छात्रों का भविष्य कानूनी उलझनों में फंसे।

इस पूरे विवाद की शुरुआत 3 मई 2026 को हुई NEET UG परीक्षा से हुई थी। 7 मई के आसपास पेपर लीक की शिकायतें आईं, जिसके बाद 12 मई को NTA ने परीक्षा रद्द कर दी और CBI जांच शुरू हुई। सरकार ने 24 जुलाई 2026 को परीक्षा में गड़बड़ी रोकने के लिए एक सख्त बिल को मंजूरी भी दी।

भविष्य के लिए सरकार ने फैसला किया है कि अगले साल से NEET की परीक्षा Computer-Based Test (CBT) मोड में होगी। उत्तर प्रदेश बीजेपी ने छात्रों से अपील की है कि वे अब अपना आंदोलन खत्म करें, क्योंकि यह इस्तीफा युवाओं के सम्मान का प्रतीक है। दूसरी तरफ, कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष Ajay Rai ने इसे छात्रों के संघर्ष की जीत बताया, जबकि CITU का कहना है कि सिर्फ एक इस्तीफे से काम नहीं चलेगा और आंदोलन जारी रहना चाहिए।