UP और Andhra Pradesh: केंद्र सरकार ने रेलवे नेटवर्क को बड़ा करने के लिए 24,815 करोड़ रुपये के दो बड़े प्रोजेक्ट्स को मंजूरी दे दी है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता वाली कैबिनेट कमेटी ऑन इकोनॉमिक अफेयर्स (CCEA) न
UP और Andhra Pradesh: केंद्र सरकार ने रेलवे नेटवर्क को बड़ा करने के लिए 24,815 करोड़ रुपये के दो बड़े प्रोजेक्ट्स को मंजूरी दे दी है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता वाली कैबिनेट कमेटी ऑन इकोनॉमिक अफेयर्स (CCEA) ने शनिवार, 18 अप्रैल 2026 को यह फैसला लिया। इस योजना से उत्तर प्रदेश और आंध्र प्रदेश के 15 जिलों में रेल कनेक्टिविटी बेहतर होगी और करीब 601 किलोमीटर नया ट्रैक जुड़ेगा।
UP के किन जिलों को होगा फायदा और क्या है प्रोजेक्ट
उत्तर प्रदेश में गाजियाबाद से सीतापुर के बीच तीसरी और चौथी लाइन बिछाई जाएगी। इस प्रोजेक्ट पर 14,926 करोड़ रुपये खर्च होंगे और इसकी लंबाई 403 किलोमीटर होगी। इससे उत्तर और पूर्व भारत के बीच ट्रेनों का आवागमन आसान होगा। इस रूट पर 6 नए स्टेशन भी बनाए जाएंगे।
- फायदा मिलने वाले जिले: गाजियाबाद, हापुड़, अमरोहा, मुरादाबाद, रामपुर, बरेली, शाहजहाँपुर, लखीमपुर खीरी और सीतापुर।
- कुल ट्रैक लंबाई: 859 किलोमीटर।
Andhra Pradesh में क्या काम होगा और क्या हैं फायदे
आंध्र प्रदेश में राजमुंदरी (निदावोलु) से विशाखापत्तनम (दुव्वडा) के बीच तीसरी और चौथी लाइन का काम होगा। इस प्रोजेक्ट की लागत 9,889 करोड़ रुपये है और यह 198 किलोमीटर लंबा होगा। यह हिस्सा हावड़ा-चेन्नई रूट का महत्वपूर्ण हिस्सा है, जिससे विशाखापत्तनम, गंगावरम, मचीलिपट्टनम और काकीनाडा जैसे बंदरगाहों तक माल पहुंचाना आसान होगा। इसमें गोदावरी नदी पर 4.3 किलोमीटर लंबा रेल पुल और 2.67 किलोमीटर का वायाडक्ट भी बनाया जाएगा।
आम जनता और व्यापार पर क्या असर पड़ेगा
इन प्रोजेक्ट्स का लक्ष्य 2030-31 तक पूरा करना है। इससे कोयला, अनाज, सीमेंट, लोहा, स्टील, खाद और चीनी जैसे जरूरी सामानों की ढुलाई तेज होगी। रेलवे नेटवर्क बढ़ने से भीड़ कम होगी और ट्रेनों की समयबद्धता सुधरेगी। साथ ही, यह पर्यावरण के लिए भी अच्छा होगा क्योंकि इससे कार्बन उत्सर्जन कम होगा, जो लगभग 7.33 करोड़ पेड़ लगाने के बराबर असर डालेगा। यह पूरा काम PM-Gati Shakti नेशनल मास्टर प्लान के तहत किया जा रहा है जिससे रोजगार के नए मौके भी मिलेंगे।