Delhi: उत्तर-पूर्वी दिल्ली दंगों की साजिश से जुड़े UAPA मामले में बंद जेएनयू के पूर्व छात्र नेता Umar Khalid को दिल्ली हाई कोर्ट से राहत मिली है. कोर्ट ने उनकी मां की सर्जरी को देखते हुए उन्हें तीन दिनों की अंतरिम जमानत
Delhi: उत्तर-पूर्वी दिल्ली दंगों की साजिश से जुड़े UAPA मामले में बंद जेएनयू के पूर्व छात्र नेता Umar Khalid को दिल्ली हाई कोर्ट से राहत मिली है. कोर्ट ने उनकी मां की सर्जरी को देखते हुए उन्हें तीन दिनों की अंतरिम जमानत दी है. सितंबर 2020 से जेल में बंद खालिद अब अपनी मां के पास अस्पताल जा सकेंगे.
किन शर्तों पर मिली उमर खालिद को जमानत?
दिल्ली हाई कोर्ट ने यह राहत कुछ सख्त शर्तों के साथ दी है. उमर खालिद को 1 लाख रुपये की जमानत राशि जमा करनी होगी. उन्हें केवल नेशनल कैपिटल रीजन (NCR) में रहने और अपने दिए गए पते पर रुकने की अनुमति है. वह केवल अस्पताल में अपनी मां से मिल सकते हैं और किसी अन्य जगह जाने की अनुमति नहीं है. इसके अलावा उन्हें सिर्फ एक मोबाइल नंबर इस्तेमाल करना होगा और जांच अधिकारी (IO) के संपर्क में रहना होगा.
कब से कब तक रहेंगे बाहर और क्या था मामला?
उमर खालिद 1 जून से 3 जून 2026 तक बाहर रहेंगे, क्योंकि उनकी मां की सर्जरी 2 जून को होनी है. इससे पहले 19 मई को ट्रायल कोर्ट ने उनकी इस अर्जी को खारिज कर दिया था. दिल्ली पुलिस की तरफ से एडिशनल सॉलिसिटर जनरल SV Raju ने जमानत का विरोध किया था. उनका कहना था कि सर्जरी छोटी है और परिवार की अन्य महिलाएं मां की देखभाल कर सकती हैं, इसलिए पुलिस कस्टडी में एक दिन के लिए ले जाना काफी होगा.
कोर्ट ने क्यों लिया यह फैसला?
जस्टिस प्रतिभा एम सिंह और जस्टिस मधु जैन की बेंच ने मानवीय आधार पर इस मामले को देखा. कोर्ट ने स्पष्ट किया कि यह केवल अंतरिम राहत है और इसे नियमित जमानत नहीं माना जाएगा. खालिद ने अपनी मां की सर्जरी और चाचा के चेहलम रस्म के लिए 15 दिन की मांग की थी, लेकिन कोर्ट ने केवल सर्जरी के लिए तीन दिन की अनुमति दी है.
Frequently Asked Questions (FAQs)
उमर खालिद को कितने दिनों की जमानत मिली है?
दिल्ली हाई कोर्ट ने उमर खालिद को 1 जून से 3 जून 2026 तक कुल तीन दिनों की अंतरिम जमानत दी है ताकि वह अपनी मां की सर्जरी के समय उनके साथ रह सकें।
कोर्ट ने जमानत के लिए क्या मुख्य शर्तें रखी हैं?
उन्हें 1 लाख रुपये की जमानत देनी होगी, केवल NCR में रहना होगा, सिर्फ एक मोबाइल नंबर इस्तेमाल करना होगा और केवल अस्पताल में अपनी मां से मिलने की अनुमति होगी।