Maharashtra: अंबरनाथ के शिव मंदिर इलाके के पास एक 3 साल के बच्चे, Sultan Sheikh की सांप के काटने से मौत हो गई। बच्चे को इलाज के लिए Ulhasnagar के Central Hospital ले जाया गया था, लेकिन उसकी जान नहीं बचाई जा सकी। अब इस मा
Maharashtra: अंबरनाथ के शिव मंदिर इलाके के पास एक 3 साल के बच्चे, Sultan Sheikh की सांप के काटने से मौत हो गई। बच्चे को इलाज के लिए Ulhasnagar के Central Hospital ले जाया गया था, लेकिन उसकी जान नहीं बचाई जा सकी। अब इस मामले में परिवार और अस्पताल प्रशासन के बीच विवाद खड़ा हो गया है, जहां परिवार ने इलाज में देरी का आरोप लगाया है।
परिवार ने क्या आरोप लगाए हैं?
बच्चे की मां का कहना है कि जब वे अस्पताल पहुंचे, तो डॉक्टरों ने तुरंत इलाज शुरू नहीं किया। उनके मुताबिक, अस्पताल पहुंचने के बाद करीब 30 मिनट तक देरी हुई। परिवार ने यह गंभीर आरोप भी लगाया कि डॉक्टर इलाज शुरू करने से पहले सांप की फोटो मांग रहे थे, जिससे कीमती समय बर्बाद हुआ।
अस्पताल और प्रशासन का क्या कहना है?
जिला सिविल सर्जन Dr. Manohar Bansode ने परिवार के सभी आरोपों को पूरी तरह गलत बताया है। उन्होंने कहा कि बच्चे को लाते ही ड्यूटी पर मौजूद पीडियाट्रिशियन और MD फिजिशियन ने उसकी जांच की और तुरंत एंटी-वेनम (Anti-venom) दिया गया। डॉक्टर के मुताबिक, सांप काटने के बाद परिवार बच्चे को अस्पताल लाने में करीब एक घंटा लगा दिया था।
कौन सा सांप था और क्या हैं नियम?
जानकारी के मुताबिक, बच्चे को एक बेहद जहरीले Pit Viper सांप ने काटा था, जिसका जहर न्यूरोटॉक्सिक होता है। भारत के नेशनल स्नेकबाइट मैनेजमेंट प्रोटोकॉल 2024 के अनुसार, सांप काटने पर मरीज को जल्द से जल्द अस्पताल पहुंचाकर एंटी-वेनम देना सबसे जरूरी होता है, क्योंकि इलाज में होने वाली देरी जानलेवा हो सकती है।
Frequently Asked Questions (FAQs)
बच्चे की मौत का मुख्य कारण क्या बताया गया है?
3 साल के Sultan Sheikh को एक जहरीले Pit Viper सांप ने काटा था। यह सांप न्यूरोटॉक्सिक होता है, जिसके कारण बच्चे की मौत हुई।
अस्पताल प्रशासन ने देरी के आरोपों पर क्या जवाब दिया है?
सिविल सर्जन Dr. Manohar Bansode ने कहा कि इलाज में कोई देरी नहीं हुई और तुरंत एंटी-वेनम दिया गया। उन्होंने बताया कि परिवार बच्चे को लाने में एक घंटा लगा चुका था।