Russia के तेल रिफाइनरी पर Ukraine का बड़ा हमला, ईंधन की भारी किल्लत से मुश्किल में करोड़ों लोग

World : यूक्रेन ने रूस के तेल और ईंधन ढांचे को तबाह करने के लिए अपने हमलों को तेज कर दिया है। यूक्रेन ने रूस की सबसे बड़ी तेल रिफाइनरी और ईंधन ले जाने वाले जहाजों को निशाना बनाया है। इस हमले का मकसद रूसी सेना तक पहुंचने

World : यूक्रेन ने रूस के तेल और ईंधन ढांचे को तबाह करने के लिए अपने हमलों को तेज कर दिया है। यूक्रेन ने रूस की सबसे बड़ी तेल रिफाइनरी और ईंधन ले जाने वाले जहाजों को निशाना बनाया है। इस हमले का मकसद रूसी सेना तक पहुंचने वाले ईंधन की सप्लाई को रोकना और वैश्विक बाजार पर दबाव बनाना है।

यूक्रेन के स्पेशल ऑपरेशंस फोर्सेस (SSO) ने साइबेरिया के ओम्स्क में स्थित रूस की सबसे बड़ी तेल रिफाइनरी पर ड्रोन हमला किया। यह हमला यूक्रेन की सीमा से करीब 3,000 किलोमीटर दूर हुआ, जिसे युद्ध का अब तक का सबसे गहरा हमला बताया जा रहा है। इस हमले में रिफाइनरी की मुख्य प्रोसेसिंग यूनिट को काफी नुकसान पहुंचा, जिससे वहां काम पूरी तरह रोकना पड़ा। राष्ट्रपति वोलोडिमिर ज़ेलेंस्की ने इसे एक बड़ी उपलब्धि बताया और कहा कि अब साइबेरिया भी यूक्रेन की सटीक स्ट्राइक की पहुंच में है।

सिर्फ ओम्स्क ही नहीं, बल्कि जुलाई के मध्य तक कई अन्य रिफाइनरियों और ट्रांसपोर्ट रूटों को भी निशाना बनाया गया। 11-12 जुलाई की रात को समारा ओब्लास्ट की सिज़रान तेल रिफाइनरी पर हमला हुआ, जिससे वहां आग लग गई। इसके अलावा इल्स्की और सारातोव रिफाइनरियों में भी उत्पादन ठप हो गया। यूक्रेन ने अज़ोव सागर में रूस के 10 टैंकरों और 4 फेरियों को भी नष्ट किया है, जिनका इस्तेमाल अंतरराष्ट्रीय प्रतिबंधों से बचकर तेल ले जाने के लिए किया जाता था।

टारगेट प्रभाव/नुकसान
ओम्स्क रिफाइनरी 38% क्षमता वाली यूनिट क्षतिग्रस्त, काम बंद
सिज़रान रिफाइनरी आग और विस्फोट, सैन्य ईंधन उत्पादन प्रभावित
अज़ोव सागर जहाज 10 टैंकर और 4 फेरियां नष्ट
नोवाटेक-उस्त-लुगा ऑयल प्रोसेसिंग यूनिट को नुकसान
ईंधन ट्रेन (तोकमक) लोकोमोटिव क्षतिग्रस्त, सप्लाई बाधित
गुप्त ईंधन बेस सीमेंट प्लांट के अंदर स्थित स्टोरेज तबाह

इन हमलों की वजह से रूस के कई इलाकों में ईंधन का भारी संकट खड़ा हो गया है। पेट्रोल की कमी के कारण लोगों को राशनिंग का सामना करना पड़ रहा है और पेट्रोल पंपों पर लंबी लाइनें लग गई हैं। रिपोर्ट के मुताबिक, रूस के लगभग 5 करोड़ लोग इस किल्लत से प्रभावित हुए हैं। फिनलैंड के राष्ट्रपति अलेक्जेंडर स्टब के अनुसार, इन हमलों की वजह से रूस की तेल उत्पादन और निर्यात क्षमता करीब 40% तक कम हो गई है। रूस ने इसके जवाब में डीजल निर्यात पर अस्थायी रोक लगा दी है और कुछ जलमार्गों पर नागरिक जहाजों की आवाजाही बंद कर दी है।