Maharashtra: ब्रिटेन में NHS कंसल्टेंट के तौर पर काम करने वाले डॉक्टर संगराम पाटिल करीब चार महीने तक भारत में फंसे रहे। उन पर बीजेपी विरोधी फेसबुक पोस्ट करने का आरोप था, जिसके बाद उनके खिलाफ लुकआउट सर्कुलर (LOC) जारी कर
Maharashtra: ब्रिटेन में NHS कंसल्टेंट के तौर पर काम करने वाले डॉक्टर संगराम पाटिल करीब चार महीने तक भारत में फंसे रहे। उन पर बीजेपी विरोधी फेसबुक पोस्ट करने का आरोप था, जिसके बाद उनके खिलाफ लुकआउट सर्कुलर (LOC) जारी कर दिया गया था। कानूनी लड़ाई और घर वापस लौटने के लिए उन्हें करीब 50 लाख रुपये की भारी कानूनी फीस चुकानी पड़ी।
डॉक्टर संगराम पाटिल के साथ क्या हुआ और क्यों हुए थे फंसे?
डॉक्टर पाटिल ने 14 दिसंबर 2025 को फेसबुक पर एक पोस्ट लिखा था, जिसमें केवल 12 शब्द थे। इसके बाद 18 दिसंबर को मुंबई के एन.एम. जोशी मार्ग पुलिस स्टेशन में उनके खिलाफ FIR दर्ज हुई। जब वह 10 जनवरी 2026 को लंदन से मुंबई एयरपोर्ट पहुंचे, तो उन्हें हिरासत में लिया गया। 19 जनवरी को इमिग्रेशन अधिकारियों ने LOC का हवाला देकर उन्हें देश छोड़कर जाने से रोक दिया।
कोर्ट ने इस मामले में क्या कहा और कैसे मिली राहत?
बॉम्बे हाई कोर्ट में याचिका दायर करने के बाद जस्टिस अश्विन भोबे ने कहा कि किसी व्यक्ति को सिर्फ जांच के नाम पर अनिश्चितकाल तक नहीं रोका जा सकता। कोर्ट ने माना कि तीन महीने का समय बहुत ज्यादा था और इससे डॉक्टर की नौकरी पर खतरा मंडरा रहा था। कोर्ट के हस्तक्षेप के बाद महाराष्ट्र सरकार को LOC में बदलाव करने का निर्देश दिया गया, जिसके बाद वह 14 मई 2026 को भारत से रवाना हो सके।
मामले से जुड़ी मुख्य समय-सीमा और कानूनी धाराएं
| तारीख/धारा |
विवरण |
| 14 दिसंबर 2025 |
फेसबुक पर विवादित पोस्ट किया गया |
| 18 दिसंबर 2025 |
मुंबई पुलिस ने FIR दर्ज की |
| 10 जनवरी 2026 |
मुंबई एयरपोर्ट पर हिरासत में लिए गए |
| BNS धारा 353(2) |
झूठी जानकारी फैलाकर नफरत बढ़ाने का आरोप (गैर-जमानती) |
| BNSS धारा 35(3) |
जांच के लिए पेश होने का नोटिस |
| 14 मई 2026 |
कोर्ट की मदद से भारत से रवाना हुए |
Frequently Asked Questions (FAQs)
डॉक्टर संगराम पाटिल को भारत छोड़ने में इतनी दिक्कत क्यों हुई?
उन पर बीजेपी विरोधी फेसबुक पोस्ट के जरिए नफरत फैलाने का आरोप था। इस वजह से मुंबई पुलिस ने उनके खिलाफ लुकआउट सर्कुलर (LOC) जारी किया था, जिससे वह एयरपोर्ट से बाहर नहीं जा पा रहे थे।
इस पूरे कानूनी विवाद में डॉक्टर को कितना आर्थिक नुकसान हुआ?
डॉक्टर संगराम पाटिल ने बताया कि अपनी नौकरी बचाने और कानूनी प्रक्रिया के जरिए घर वापस लौटने के लिए उन्होंने करीब 50 लाख रुपये कानूनी फीस के तौर पर खर्च किए।