UAE जाने वालों के लिए बड़े बदलाव, अब 48 घंटे में मिलेगा टूरिस्ट वीजा और बदल गए रेजिडेंसी नियम
World : अगर आप दुबई या यूएई जाने की प्लानिंग कर रहे हैं, तो आपके लिए जरूरी खबर है। यूएई सरकार ने 2026 के लिए वीजा और रेजिडेंसी नियमों में बड़े बदलाव किए हैं। इन नए नियमों का असर टूरिस्ट, प्रॉपर्टी खरीदने वालों और इलाज के
World : अगर आप दुबई या यूएई जाने की प्लानिंग कर रहे हैं, तो आपके लिए जरूरी खबर है। यूएई सरकार ने 2026 के लिए वीजा और रेजिडेंसी नियमों में बड़े बदलाव किए हैं। इन नए नियमों का असर टूरिस्ट, प्रॉपर्टी खरीदने वालों और इलाज के लिए जाने वाले लोगों पर पड़ेगा। सरकार का मकसद यात्रा को आसान बनाना और निवेश को बढ़ावा देना है।
दुबई ने अब टूरिस्ट वीजा की प्रक्रिया को काफी तेज कर दिया है। अब पात्र आवेदकों को 30 और 60 दिनों के सिंगल एंट्री टूरिस्ट वीजा सिर्फ 48 वर्किंग घंटों के भीतर मिल जाएंगे। इसके लिए आवेदन GDRFA दुबई की वेबसाइट या स्मार्ट ऐप के जरिए किया जा सकता है, जिसमें पासपोर्ट कॉपी और फोटो जैसे जरूरी दस्तावेज चाहिए होंगे।
प्रॉपर्टी के जरिए रेजिडेंसी लेने वालों के लिए भी नियम बदले हैं। पहले अकेले प्रॉपर्टी मालिक के लिए न्यूनतम कीमत 7.5 लाख दिराम थी, जिसे अब हटा दिया गया है। हालांकि, अगर प्रॉपर्टी के एक से ज्यादा मालिक हैं, तो हर निवेशक का हिस्सा कम से कम 4 लाख दिराम का होना जरूरी है।
इलाज के लिए जाने वाले विदेशी मरीजों के लिए ‘स्मार्ट मेडिकल वीजा’ की तैयारी की जा रही है। GDRFA दुबई और दुबई हेल्थ अथॉरिटी के बीच हुए समझौते के बाद अब मरीजों को वीजा आवेदन से लेकर इलाज और रिकवरी तक की सुविधा एक ही सिस्टम के जरिए मिलेगी।
वीजा नियमों में अन्य महत्वपूर्ण बदलाव नीचे दी गई टेबल में देखें:
| बदलाव का प्रकार | मुख्य जानकारी |
|---|---|
| वीजा-ऑन-अराइवल | इंडोनेशिया, वियतनाम, थाईलैंड, फिलीपींस, केन्या और दक्षिण अफ्रीका के नागरिकों को सुविधा (शर्तों के साथ) |
| वीजा शुल्क | 14 दिन के वीजा के लिए 100 AED और 60 दिन के लिए 250 AED |
| ओवरस्टे राहत | 10 जून से 9 जुलाई 2026 तक 30 दिन की छूट दी गई थी |
| ओवरस्टे जुर्माना | 9 जुलाई के बाद से 50 AED प्रतिदिन का जुर्माना लागू होगा |
| वीजा प्रतिबंध | अफगानिस्तान, बांग्लादेश, लेबनान और सूडान समेत 9 देशों के नए आवेदनों में सख्ती |
इन नियमों का असर उन लोगों पर भी पड़ेगा जो भारत के विभिन्न राज्यों जैसे पंजाब, केरल और महाराष्ट्र से काम या बिजनेस के लिए यूएई जाते हैं। यात्रियों को सलाह दी गई है कि वे अपनी यात्रा से पहले आधिकारिक दस्तावेजों की जांच कर लें।