Middle East में तनाव बढ़ा, UAE ने की युद्ध रोकने की अपील, Strait of Hormuz में जहाजों की आवाजाही घटी

World: मिडिल ईस्ट के देशों के बीच तनाव काफी बढ़ गया है। UAE ने इस स्थिति पर गहरी चिंता जताई है और सभी पक्षों से तुरंत लड़ाई रोकने की अपील की है। UAE का कहना है कि इलाके में शांति लाने के लिए बातचीत का रास्ता अपनाना बहुत

World: मिडिल ईस्ट के देशों के बीच तनाव काफी बढ़ गया है। UAE ने इस स्थिति पर गहरी चिंता जताई है और सभी पक्षों से तुरंत लड़ाई रोकने की अपील की है। UAE का कहना है कि इलाके में शांति लाने के लिए बातचीत का रास्ता अपनाना बहुत जरूरी है ताकि स्थिरता वापस आ सके।

UAE के विदेश मंत्रालय (MoFA) ने 18 जुलाई 2026 को एक बयान जारी कर कहा कि आम नागरिकों और जरूरी बुनियादी ढांचे की सुरक्षा करना सबसे ज्यादा जरूरी है। मंत्रालय ने साफ तौर पर कहा कि नागरिक सुविधाओं पर हमला करना अंतरराष्ट्रीय कानून का गंभीर उल्लंघन है। UAE ने सभी देशों से संयम बरतने को कहा है ताकि मामला और ज्यादा न बिगड़े।

इस तनाव के बीच 17 जुलाई को ईरान ने बहरीन, कुवैत, कतर, जॉर्डन और इराक के कुर्दिस्तान इलाके में मिसाइल और ड्रोन हमले किए थे। UAE ने इन हमलों की कड़ी निंदा की और इसे दूसरे देशों की संप्रभुता का उल्लंघन बताया। UAE के राष्ट्रपति के राजनयिक सलाहकार अनवर गरगाश ने कहा कि GCC देशों को अपनी सुरक्षा मजबूत करने के लिए मिलकर काम करने की जरूरत है।

इस पूरे विवाद का असर दुनिया की अर्थव्यवस्था पर भी पड़ रहा है। Strait of Hormuz एक बहुत ही महत्वपूर्ण समुद्री रास्ता है, जहाँ से तेल और अन्य सामान दुनिया भर में जाता है। ईरान के हमलों और अमेरिका की सैन्य कार्रवाई के कारण यहाँ जहाजों की आवाजाही काफी कम हो गई है। 18 जुलाई को यहाँ ट्रैफिक बहुत कम देखा गया, जिससे वैश्विक व्यापार प्रभावित हो सकता है।

UAE की नेशनल इमरजेंसी क्राइसिस एंड डिजास्टर्स मैनेजमेंट अथॉरिटी (NCEMA) ने अपने देश के लोगों को भरोसा दिलाया है कि UAE के अंदर स्थिति स्थिर है। एजेंसी ने बताया कि जो मिसाइल खतरे पकड़े गए थे, वे UAE की सीमा के बाहर के थे। फिलहाल यूरोपीय संघ (EU) और GCC देशों ने मिलकर ईरान के हमलों की निंदा की है और समुद्री रास्तों को खुला रखने की मांग की है।