UAE और Ukraine के बीच व्यापार समझौता लागू, अब बिना कस्टम ड्यूटी के होगा सामानों का लेन-देन

Finance: UAE और Ukraine के बीच हुआ व्यापक आर्थिक साझेदारी समझौता (CEPA) 1 जुलाई 2026 से आधिकारिक तौर पर लागू हो गया है। इस समझौते के बाद दोनों देशों के बीच व्यापार करना आसान हो जाएगा और बाजार तक पहुंच बढ़ेगी। इसका सबसे ब

Finance: UAE और Ukraine के बीच हुआ व्यापक आर्थिक साझेदारी समझौता (CEPA) 1 जुलाई 2026 से आधिकारिक तौर पर लागू हो गया है। इस समझौते के बाद दोनों देशों के बीच व्यापार करना आसान हो जाएगा और बाजार तक पहुंच बढ़ेगी। इसका सबसे बड़ा फायदा यह होगा कि अब अधिकतर गैर-तेल सामानों पर कस्टम ड्यूटी नहीं देनी होगी, जिससे व्यापार की लागत कम हो जाएगी।

यह समझौता 17 फरवरी 2025 को अबू धाबी में साइन किया गया था, जिसे यूक्रेन ने 26 फरवरी 2026 को कानून के जरिए मंजूरी दी। इस डील के तहत UAE से यूक्रेन जाने वाले 99% सामानों और यूक्रेन से UAE जाने वाले 97% सामानों पर तुरंत प्रभाव से कस्टम ड्यूटी खत्म कर दी गई है। इसके अलावा डिजिटल ट्रेड को बढ़ावा देने के लिए इलेक्ट्रॉनिक ट्रांसमिशन पर टैरिफ हटाया गया है और डिजिटल पेमेंट व डेटा सुरक्षा के लिए नए मानक तय किए गए हैं।

व्यापार के साथ-साथ निवेश के नियमों में भी बड़े बदलाव किए गए हैं। अब यूक्रेन के बिजनेस UAE में ज्यादा हिस्सेदारी रख सकेंगे। सामान्य सेक्टर में विदेशी पूंजी की सीमा 49% से बढ़ाकर 70% कर दी गई है, जबकि कमर्शियल सर्विस, शिक्षा, स्वास्थ्य और कंस्ट्रक्शन जैसे खास क्षेत्रों में 100% मालिकाना हक मिल सकेगा। हालांकि, यह समझौता उन इलाकों पर लागू नहीं होगा जो फिलहाल विदेशी कब्जे में हैं।

इस डील का आर्थिक असर नीचे दी गई टेबल में देख सकते हैं:

विवरण अनुमानित प्रभाव/डेटा
UAE की GDP में बढ़ोतरी (2031 तक) $369 मिलियन
Ukraine की GDP में बढ़ोतरी (2031 तक) $874 मिलियन
2025 में गैर-तेल व्यापार $346.8 मिलियन
2021 में व्यापार का उच्चतम स्तर $904.4 मिलियन
UAE से यूक्रेन आयात पर ड्यूटी छूट 99% सामान
यूक्रेन से UAE निर्यात पर ड्यूटी छूट 97% सामान

UAE के विदेश व्यापार मंत्री डॉ. थानी बिन अहमद अल ज़यौदी ने इसे एक ऐतिहासिक पल बताया है। वहीं यूक्रेन की अर्थव्यवस्था मंत्री युलिया स्वेरीडेनको ने कहा कि इससे यूक्रेनी कंपनियों को वैश्विक स्तर पर नए मौके मिलेंगे। UAE की अंतरराष्ट्रीय सहयोग मंत्री रीम बिंत इब्राहिम अल हाशमी के मुताबिक, यह समझौता यूक्रेन की मजबूती और ग्लोबल फूड सिक्योरिटी व लॉजिस्टिक्स में उसकी भूमिका पर भरोसे को दर्शाता है।