UAE में सोशल मीडिया पोस्ट पर सख्ती, गलत खबर फैलाने पर 5 लाख दिरहम जुर्माना और 5 साल जेल

World : UAE में रहने वाले लोगों के लिए सोशल मीडिया का इस्तेमाल अब और भी सावधानी भरा होगा। वहां की सरकार ने ऑनलाइन पोस्ट को लेकर सख्त चेतावनी जारी की है। अगर कोई व्यक्ति गलत खबर, अफवाह या किसी अधिकारी के खिलाफ अपमानजनक बा

World : UAE में रहने वाले लोगों के लिए सोशल मीडिया का इस्तेमाल अब और भी सावधानी भरा होगा। वहां की सरकार ने ऑनलाइन पोस्ट को लेकर सख्त चेतावनी जारी की है। अगर कोई व्यक्ति गलत खबर, अफवाह या किसी अधिकारी के खिलाफ अपमानजनक बातें लिखता है, तो उसे भारी जुर्माना और जेल की सजा काटनी पड़ सकती है।

UAE के कानूनों के मुताबिक, सोशल मीडिया पर गलत जानकारी फैलाने या देश की छवि खराब करने वालों पर कड़ी नजर रखी जा रही है। Federal Decree-Law No. 34 of 2021 के तहत अफवाहें फैलाना और साइबर अपराध करना जुर्म है। इसमें किसी व्यक्ति की गरिमा को ठेस पहुँचाना या सरकारी अधिकारियों के खिलाफ अपमानजनक पोस्ट करना शामिल है। यहाँ तक कि अगर कोई जानकारी सच भी है, लेकिन उससे किसी की बदनामी होती है, तो भी कानूनी कार्रवाई की जा सकती है।

सजाओं की बात करें तो गलत खबरें फैलाने पर 1 लाख से 10 लाख दिरहम तक का जुर्माना और जेल हो सकती है। अगर यह काम किसी संकट या इमरजेंसी के दौरान किया गया है, तो सजा और जुर्माना और भी बढ़ जाएगा। वहीं, राष्ट्रीय सुरक्षा को खतरे में डालने वाले अपराधों के लिए कम से कम 7 साल की जेल और 15 लाख दिरहम तक का जुर्माना लग सकता है। विदेशी नागरिकों को जुर्माने और जेल के साथ देश से बाहर (Deportation) भी किया जा सकता है।

बच्चों की डिजिटल सुरक्षा के लिए भी नए नियम लागू किए गए हैं। 1 जनवरी 2026 से लागू हुए नए कानून के तहत 15 साल से कम उम्र के बच्चों के लिए सोशल मीडिया अकाउंट बनाना पूरी तरह बैन है। 15 से 16 साल के बच्चों के लिए कंटेंट फिल्टरिंग और सीमित समय के इस्तेमाल जैसे कड़े नियम होंगे। सोशल मीडिया कंपनियों को इन नियमों को लागू करने के लिए जून 2027 तक का समय दिया गया है।

UAE Public Prosecution और साइबर सिक्योरिटी काउंसिल ने लोगों को सलाह दी है कि वे केवल आधिकारिक स्रोतों से ही जानकारी लें। अटॉर्नी जनरल हामिद सैफ अल शमसी ने खास तौर पर चेतावनी दी है कि हादसे वाली जगहों की फोटो या वीडियो शेयर न करें, क्योंकि इससे जनता में डर फैल सकता है। अबू धाबी पुलिस ने अप्रैल 2026 में संवेदनशील घटनाओं की वीडियो बनाने और गलत जानकारी फैलाने के आरोप में सैकड़ों लोगों को गिरफ्तार भी किया था।