UAE में साइबर ठगों का बड़ा नेटवर्क ध्वस्त, रिमोट ऐप के जरिए खाली कर रहे थे बैंक खाते

Finance: Sharjah Police ने एक बड़े साइबर फ्रॉड गिरोह का पर्दाफाश किया है। पुलिस ने एशियाई देशों के सात लोगों को गिरफ्तार किया है जो रिमोट एक्सेस ऐप्स के जरिए लोगों के फोन का कंट्रोल लेकर उनके बैंक खातों से पैसे चुरा रहे

Finance: Sharjah Police ने एक बड़े साइबर फ्रॉड गिरोह का पर्दाफाश किया है। पुलिस ने एशियाई देशों के सात लोगों को गिरफ्तार किया है जो रिमोट एक्सेस ऐप्स के जरिए लोगों के फोन का कंट्रोल लेकर उनके बैंक खातों से पैसे चुरा रहे थे। यह पूरा मामला तब सामने आया जब एक अरब निवासी ने ठगी की शिकायत दर्ज कराई थी।

पुलिस जांच में पता चला कि यह गिरोह सरकारी कर्मचारियों बनकर लोगों को झांसा देता था। वे पीड़ितों को एक ऐसा ऐप डाउनलोड करने के लिए कहते थे जिससे ठग दूर बैठे ही उनके मोबाइल और बैंकिंग जानकारी को एक्सेस कर लेते थे। पकड़े गए आरोपी न केवल तकनीकी धोखाधड़ी कर रहे थे, बल्कि उन्होंने मजदूरों को नौकरी और रहने की जगह का लालच देकर उनके नाम पर बैंक खाते भी खुलवा रखे थे। इन खातों का इस्तेमाल चोरी के पैसों को इधर-उधर करने यानी मनी लॉन्ड्रिंग के लिए किया जा रहा था।

छापेमारी के दौरान पुलिस ने कई बैंक कार्ड, चेकबुक, पासपोर्ट, मोबाइल फोन, टैबलेट, कंप्यूटर और कंपनियों की मुहरें बरामद की हैं। UAE के कानूनों के मुताबिक बैंकिंग सिस्टम को हैक करने पर 5 लाख से 30 लाख दिरहम तक का जुर्माना और जेल हो सकती है। वहीं, धोखाधड़ी से संपत्ति या पैसे हड़पने पर कम से कम एक साल की जेल या 2.5 लाख से 10 लाख दिरहम तक के जुर्माने का प्रावधान है।

पुलिस ने आम लोगों के लिए कुछ जरूरी सावधानियां जारी की हैं:

  • किसी भी अनजान लिंक पर क्लिक न करें और न ही कोई संदिग्ध ऐप डाउनलोड करें।
  • अपना बैंक पासवर्ड, ओटीपी या कार्ड की फोटो किसी के साथ साझा न करें।
  • सरकारी एजेंसी होने का दावा करने वालों की पहचान की पुष्टि जरूर करें।
  • बिना आधिकारिक निर्देश के रिमोट-कंट्रोल एप्लिकेशन इंस्टॉल न करें।