UAE दुनिया का सबसे सुरक्षित देश बना, Numbeo इंडेक्स में मिली टॉप रैंकिंग
World : संयुक्त अरब अमीरात (UAE) को एक बार फिर दुनिया के सबसे सुरक्षित देशों की लिस्ट में पहले स्थान पर रखा गया है। Numbeo के ग्लोबल सेफ्टी इंडेक्स और कई अंतरराष्ट्रीय रिपोर्ट्स में UAE की सुरक्षा व्यवस्था की तारीफ हुई ह
World : संयुक्त अरब अमीरात (UAE) को एक बार फिर दुनिया के सबसे सुरक्षित देशों की लिस्ट में पहले स्थान पर रखा गया है। Numbeo के ग्लोबल सेफ्टी इंडेक्स और कई अंतरराष्ट्रीय रिपोर्ट्स में UAE की सुरक्षा व्यवस्था की तारीफ हुई है। यह खबर उन लाखों भारतीयों के लिए भी जरूरी है जो नौकरी या बिजनेस के सिलसिले में वहां रहते हैं।
Numbeo के आंकड़ों के मुताबिक, UAE ने लगातार दूसरे साल दुनिया में सबसे सुरक्षित देश होने का खिताब जीता है और सेफ्टी इंडेक्स में 86.0 का स्कोर हासिल किया है। इंटरनेशनल SOS रिस्क मैप 2026 में भी UAE को सबसे कम सुरक्षा जोखिम वाला देश बताया गया है। वहीं, बर्कशायर हैथवे ट्रैवल प्रोटेक्शन की रिपोर्ट में इसे जेन जेड (Gen Z) यात्रियों के लिए दुनिया का सबसे सुरक्षित देश माना गया है।
UAE की इस सफलता के पीछे वहां की आधुनिक तकनीक और सख्त कानून हैं। अबू धाबी पुलिस के कमांडर-इन-चीफ मेजर जनरल अहमद सैफ बिन ज़ैतून अल मुहैरी ने बताया कि AI कैमरे, फेशियल रिकग्निशन और स्मार्ट पेट्रोल ड्रोन की मदद से सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत किया गया है। आंतरिक मंत्रालय के अनुसार, करीब 98.6% निवासी वहां खुद को पूरी तरह सुरक्षित महसूस करते हैं।
| रिपोर्ट/संस्था | रैंकिंग/स्कोर | खास बात |
|---|---|---|
| Numbeo 2026 | नंबर 1 (स्कोर 86.0) | लगातार दूसरे साल टॉप पर |
| International SOS | Insignificant Risk | सबसे कम सुरक्षा जोखिम |
| BHTP Report | नंबर 1 | Gen Z यात्रियों के लिए बेस्ट |
| Numbeo सिटी रैंकिंग | अजमान नंबर 1 | अबू धाबी, शारजाह और रास अल खैमा भी टॉप पर |
हालांकि, मार्च 2026 में अमेरिका और ईरान के बीच तनाव के कारण कुछ सुरक्षा चुनौतियां भी आईं। उस दौरान अमेरिका ने अपने कर्मचारियों को UAE छोड़ने का आदेश दिया था और दुबई व अबू धाबी में ड्रोन हमलों की खबरें आई थीं। लेकिन इसके बावजूद, अगस्त 2026 की ताजा रिपोर्ट्स में UAE की सुरक्षा रैंकिंग बरकरार है।
वहां रहने वालों को यह ध्यान रखना होगा कि UAE में सामाजिक व्यवहार, ड्रग्स, ट्रैफिक नियमों और वित्तीय अपराधों को लेकर बहुत सख्त कानून हैं। सोशल मीडिया पर अफवाहें फैलाना या बिना अनुमति के संवेदनशील फुटेज शेयर करना कानूनी अपराध है, जिसके लिए जुर्माना या जेल हो सकती है।