World : संयुक्त अरब अमीरात (UAE) अपनी दूसरी बड़ी तेल पाइपलाइन का काम तेजी से पूरा कर रहा है। यह पाइपलाइन Strait of Hormuz को बायपास करेगी, जिससे तेल के निर्यात के लिए खतरनाक रास्तों पर निर्भरता कम होगी। ADNOC के मुताबिक
World : संयुक्त अरब अमीरात (UAE) अपनी दूसरी बड़ी तेल पाइपलाइन का काम तेजी से पूरा कर रहा है। यह पाइपलाइन Strait of Hormuz को बायपास करेगी, जिससे तेल के निर्यात के लिए खतरनाक रास्तों पर निर्भरता कम होगी। ADNOC के मुताबिक यह प्रोजेक्ट अब 50% पूरा हो चुका है और इसे 2027 तक चालू करने का लक्ष्य रखा गया है।
पाइपलाइन क्यों है जरूरी और इसका क्या फायदा होगा?
दुनिया का बहुत सारा तेल Strait of Hormuz नाम के एक संकरे समुद्री रास्ते से गुजरता है। क्षेत्रीय तनाव के कारण यहाँ खतरा बना रहता है। UAE की यह नई पाइपलाइन तेल को सीधे Fujairah पोर्ट तक पहुँचाएगी, जो इस खतरनाक रास्ते के बाहर है। इससे UAE की तेल निर्यात क्षमता दोगुनी हो जाएगी और ग्लोबल एनर्जी सप्लाई में स्थिरता आएगी।
प्रोजेक्ट की रफ्तार और मौजूदा हालात क्या हैं?
अबू धाबी के क्राउन प्रिंस शेख खालिद बिन मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान ने इस प्रोजेक्ट के काम में तेजी लाने के निर्देश दिए हैं। ADNOC के CEO सुल्तान अल जाबेर ने बताया कि कुछ तेल सुविधाओं को नुकसान पहुँचा है, जिसकी मरम्मत में समय लग सकता है। इसी वजह से इस पाइपलाइन को समय से पहले तैयार करने की कोशिश की जा रही है।
तेल उत्पादन और निर्यात का नया लक्ष्य
- मौजूदा क्षमता: Habshan-Fujairah पाइपलाइन की क्षमता 1.8 मिलियन बैरल प्रतिदिन है।
- नया लक्ष्य: UAE 2027 तक अपनी कुल उत्पादन क्षमता को 5 मिलियन बैरल प्रतिदिन तक ले जाना चाहता है।
- बड़ा फैसला: निवेश और विकास में लचीलापन लाने के लिए UAE ने हाल ही में OPEC भी छोड़ दिया है।
Frequently Asked Questions (FAQs)
UAE की नई पाइपलाइन का मुख्य उद्देश्य क्या है?
इसका मुख्य उद्देश्य Strait of Hormuz जैसे संवेदनशील समुद्री रास्तों पर निर्भरता कम करना और तेल निर्यात को सुरक्षित बनाना है ताकि क्षेत्रीय तनाव का असर सप्लाई पर न पड़े।
यह प्रोजेक्ट कब तक पूरा होगा और इसका असर क्या होगा?
यह प्रोजेक्ट 2027 तक पूरा होगा। इससे Fujairah पोर्ट के जरिए UAE की तेल निर्यात क्षमता दोगुनी हो जाएगी और वैश्विक बाजार में तेल की आपूर्ति स्थिर रहेगी।