UAE में बिजनेस के लिए म्यूजिक बजाना होगा महंगा, रेस्टोरेंट और होटल समेत कई दुकानों पर लगेगा सालाना लाइसेंस शुल्क
World : संयुक्त अरब अमीरात (UAE) में अब दुकानों, रेस्टोरेंट और होटलों में कॉपीराइट म्यूजिक बजाने के लिए पैसे देने होंगे। UAE सरकार ने म्यूजिक लाइसेंसिंग के लिए नए नियम लागू किए हैं, जिसके तहत बिजनेस मालिकों को सालाना फीस
World : संयुक्त अरब अमीरात (UAE) में अब दुकानों, रेस्टोरेंट और होटलों में कॉपीराइट म्यूजिक बजाने के लिए पैसे देने होंगे। UAE सरकार ने म्यूजिक लाइसेंसिंग के लिए नए नियम लागू किए हैं, जिसके तहत बिजनेस मालिकों को सालाना फीस भरनी होगी। यह नया सिस्टम 1 दिसंबर 2026 से लागू होगा।
UAE के अर्थव्यवस्था और पर्यटन मंत्रालय ने ‘कलेक्टिव मैनेजमेंट इन म्यूजिक गाइड’ जारी की है। इस नियम का मकसद संगीत बनाने वालों को उनके काम का सही पैसा दिलाना और बौद्धिक संपदा की सुरक्षा करना है। अर्थव्यवस्था मंत्री अब्दुल्ला बिन तौक अल मारी ने बताया कि यह कदम UAE विजन 2031 का हिस्सा है ताकि क्रिएटिव इंडस्ट्री को बढ़ावा मिल सके।
लाइसेंस की अवधि एक साल होगी और इसे हर साल रिन्यू कराना होगा। हालांकि, स्कूल, कॉलेज, सरकारी दफ्तर, चैरिटी इवेंट और निजी समारोहों को इस फीस से छूट दी गई है। फीस वसूलने का काम Emirates Music Rights Association (EMRA) और Music Nation नाम की दो संस्थाएं करेंगी। इसके अलावा, कुल वसूली गई फीस का 10% हिस्सा ‘कल्चरल सपोर्ट फंड फॉर म्यूजिक’ में जाएगा, जिसका इस्तेमाल नए कलाकारों और संगीत के प्रचार के लिए होगा।
अलग-अलग बिजनेस के लिए फीस की पूरी लिस्ट नीचे दी गई है:
| बिजनेस का प्रकार | शर्त/साइज | सालाना फीस (Dirham) |
|---|---|---|
| रेस्टोरेंट और कैफे | 50 सीट तक | Dh 1,500 |
| रेस्टोरेंट और कैफे | 51 से 100 सीट | Dh 2,700 |
| रेस्टोरेंट और कैफे | 101 से 200 सीट | Dh 4,800 |
| रेस्टोरेंट और कैफे | 200 सीट से ज्यादा | अधिकतम Dh 6,000 (200 के बाद 20 प्रति सीट) |
| रिटेल शॉप/कॉम्प्लेक्स | 300 वर्ग मीटर तक | Dh 1,700 |
| रिटेल शॉप/कॉम्प्लेक्स | 301 से 700 वर्ग मीटर | Dh 3,400 |
| फिटनेस सेंटर | 300 वर्ग मीटर तक | Dh 1,700 |
| होटल (4-5 स्टार) | प्रति कमरा | Dh 150 (अधिकतम Dh 25,000) |
| एयरलाइंस | सीटों के आधार पर | Dh 5,000 से Dh 45,000 |
रेडियो और टीवी चैनलों के लिए भी नियम तय किए गए हैं। जनरल प्रोग्रामिंग वाले रेडियो और टीवी चैनल अपनी सालाना कमाई का 1% देंगे, जबकि म्यूजिक चैनलों को 3% देना होगा। दोनों के लिए न्यूनतम फीस Dh 1,700 रखी गई है।