UAE में ‘रैट फीवर’ का खतरा, दुबई निवासी भारतीय की मौत के बाद डॉक्टरों ने जारी की चेतावनी

World : संयुक्त अरब अमीरात (UAE) में रहने वाले लोगों और वहां यात्रा करने वालों के लिए स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने एक जरूरी चेतावनी जारी की है। दूषित पानी या मिट्टी के जरिए फैलने वाले लेप्टोस्पायरोसिस (Leptospirosis) नामक बैक

World : संयुक्त अरब अमीरात (UAE) में रहने वाले लोगों और वहां यात्रा करने वालों के लिए स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने एक जरूरी चेतावनी जारी की है। दूषित पानी या मिट्टी के जरिए फैलने वाले लेप्टोस्पायरोसिस (Leptospirosis) नामक बैक्टीरियल इन्फेक्शन का खतरा बढ़ गया है। यह चेतावनी दुबई के एक निवासी की मौत के बाद दी गई है, जिससे लोग अब काफी सतर्क हो रहे हैं।

जानकारी के मुताबिक, दुबई की एक इंजीनियरिंग कंसल्टेंसी में सीनियर सेल्स सुपरवाइजर के तौर पर काम करने वाले 48 वर्षीय भारतीय प्रवासी तीजो जॉर्ज की 8 अगस्त को केरल के कन्नूर अस्पताल में मौत हो गई। लैब रिपोर्ट में पुष्टि हुई कि वह लेप्टोस्पायरोसिस से संक्रमित थे। शुरुआत में उन्हें दस्त और शरीर में दर्द जैसी शिकायतें थीं, जिसे सामान्य तौर पर रैट फीवर समझा गया था।

अबू धाबी के बुर्जिल मेडिकल सिटी के डॉ. बशिरत एल. गीवा और दुबई के एस्टर स्पेशलिटी क्लिनिक के डॉ. दीपक दामोदरन ने लोगों को सावधान रहने की सलाह दी है। डॉक्टरों ने बताया कि बारिश के मौसम में यात्रा करने और चूहों से संक्रमित इलाकों में जाने से यह बीमारी होने का खतरा ज्यादा रहता है। इस बीमारी के लक्षण 2 से 30 दिनों के बीच दिख सकते हैं, जो शुरुआत में आम फ्लू, इन्फ्लुएंजा या डेंगू जैसे लगते हैं, जिससे सही समय पर पहचान करना मुश्किल हो जाता है।

विशेषज्ञों ने बताया कि अगर इसका इलाज न किया जाए, तो यह बीमारी तीन से सात दिनों के भीतर अंगों को फेल कर सकती है। गंभीर लक्षणों में पीलिया (गहरे रंग का पेशाब), पैरों में सूजन, सांस लेने में तकलीफ और भ्रम की स्थिति शामिल है। दुबई नगर पालिका ने पहले भी पेय पदार्थों के डिब्बों की सफाई को लेकर चेतावनी दी थी ताकि संक्रमण न फैले।

बचाव के लिए डॉक्टरों ने कुछ जरूरी बातें बताई हैं:

  • बाढ़ या ठहरे हुए गंदे पानी के संपर्क में आने से बचें।
  • संक्रमित इलाकों या चूहों वाले घरों की सफाई करते समय वाटरप्रूफ जूते और दस्ताने पहनें।
  • शरीर पर लगी किसी भी चोट या खरोंच को वाटरप्रूफ ड्रेसिंग से ढक कर रखें।
  • घर के आसपास चूहों को खत्म करें और खाने-पीने का सामान बंद डिब्बों में रखें।
  • बाढ़ के समय पीने के पानी को उबालकर या ट्रीट करके ही पिएं।
  • गंदे पानी या कीचड़ के संपर्क में आने के बाद साबुन से अच्छी तरह नहाएं।
  • चूहों को पानी की बाल्टी में डुबोकर मारने की कोशिश न करें, क्योंकि वह पानी संक्रमित हो सकता है।

डॉक्टरों ने सलाह दी है कि यदि किसी को अचानक तेज बुखार, सिरदर्द, आंखों का लाल होना या पिंडलियों और कमर के निचले हिस्से में तेज दर्द महसूस हो, तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए।