UAE में ई-सिगरेट और वेपिंग लिक्विड होंगे महंगे, सरकार ने तय की न्यूनतम एक्साइज कीमत
Finance: संयुक्त अरब अमीरात (UAE) की सरकार ने इलेक्ट्रॉनिक सिगरेट और वेपिंग डिवाइस में इस्तेमाल होने वाले लिक्विड की कीमतों पर लगाम लगाने के लिए एक नया नियम बनाया है। यूएई वित्त मंत्रालय ने घोषणा की है कि 1 सितंबर 2026 स
Finance: संयुक्त अरब अमीरात (UAE) की सरकार ने इलेक्ट्रॉनिक सिगरेट और वेपिंग डिवाइस में इस्तेमाल होने वाले लिक्विड की कीमतों पर लगाम लगाने के लिए एक नया नियम बनाया है। यूएई वित्त मंत्रालय ने घोषणा की है कि 1 सितंबर 2026 से इन लिक्विड्स के लिए न्यूनतम एक्साइज प्राइस तय किया जाएगा। इस कदम का मकसद टैक्स नियमों का सख्ती से पालन कराना और बाजार में वेपिंग प्रोडक्ट्स को रेगुलेट करना है।
नए नियमों के मुताबिक, अब ई-लिक्विड की न्यूनतम एक्साइज कीमत 1 दिरहम प्रति मिलीलीटर (mL) होगी। इसका मतलब है कि अब कोई भी कंपनी या विक्रेता तय की गई इस न्यूनतम कीमत से कम पर लिक्विड नहीं बेच पाएगा। इससे बाजार में कीमतों में एकरूपता आएगी और टैक्स चोरी के रास्तों को बंद किया जा सकेगा।
| लिक्विड बोतल की मात्रा | न्यूनतम एक्साइज कीमत |
|---|---|
| 10mL बोतल | 10 दिरहम |
| 30mL बोतल | 30 दिरहम |
मंत्रालय ने साफ किया है कि तंबाकू और इलेक्ट्रॉनिक स्मोकिंग उत्पादों पर पहले से लागू 100 प्रतिशत एक्साइज टैक्स की दर जारी रहेगी। नए नियम के बाद अब ई-लिक्विड की टैक्सेबल वैल्यू 1 दिरहम प्रति मिलीलीटर से कम नहीं हो सकती। हालांकि, सिगरेट, शीशा और अन्य तैयार तंबाकू उत्पादों की न्यूनतम एक्साइज कीमतों में कोई बदलाव नहीं किया गया है।
यूएई वित्त मंत्रालय के अनुसार, यह फैसला बाजार के बदलते तौर-तरीकों को देखते हुए लिया गया है ताकि सभी तंबाकू और वेपिंग उत्पादों के लिए एक जैसा टैक्स स्टैंडर्ड रहे। इस पूरे सिस्टम को लागू करने और निगरानी रखने की जिम्मेदारी फेडरल टैक्स अथॉरिटी (FTA) को सौंपी गई है। वहीं, एल्फबार और लॉस्ट मैरी जैसी कंपनियों का कहना है कि वेपिंग प्रोडक्ट्स केवल वयस्कों के लिए धूम्रपान छोड़ने के साधन हैं और इन्हें नाबालिगों या गैर-धूम्रपान करने वालों को बढ़ावा नहीं दिया जाना चाहिए।