UAE में भारतीय पासपोर्ट और वीजा सेवाओं में देरी, दिल्ली हाई कोर्ट में कानूनी विवाद के कारण फंसे काम

World : UAE में रह रहे भारतीयों के लिए पासपोर्ट, वीजा और अटैस्टेशन का काम कराना फिलहाल मुश्किल हो गया है। दिल्ली में एक नए सर्विस प्रोवाइडर की नियुक्ति को लेकर चल रहे कानूनी विवाद की वजह से इन सेवाओं में काफी देरी हो रही

World : UAE में रह रहे भारतीयों के लिए पासपोर्ट, वीजा और अटैस्टेशन का काम कराना फिलहाल मुश्किल हो गया है। दिल्ली में एक नए सर्विस प्रोवाइडर की नियुक्ति को लेकर चल रहे कानूनी विवाद की वजह से इन सेवाओं में काफी देरी हो रही है। इस वजह से दुबई और अबू धाबी में भारतीय दूतावास और कॉन्सुलेट अब सीमित तरीके से काम कर रहे हैं।

दरअसल, पासपोर्ट और वीजा सेवाओं को संभालने वाली कंपनी BLS International और अटैस्टेशन का काम देखने वाली SGIVS Global Services का कॉन्ट्रैक्ट 30 जून 2026 को खत्म हो गया। इसकी जगह Alhind Tours & Travels LLC को नया सर्विस प्रोवाइडर चुना गया था, जिन्हें 1 जुलाई 2026 से काम संभालना था। लेकिन E Trav Tech और Verasys नाम की दो कंपनियों ने इस टेंडर प्रक्रिया को दिल्ली की अदालत में चुनौती दे दी है। इन कंपनियों का आरोप है कि तकनीकी मूल्यांकन के दौरान उनके साथ भेदभाव किया गया और उन्हें गलत तरीके से बाहर निकाला गया।

इस कानूनी लड़ाई का असर अब आम लोगों पर पड़ रहा है। 26 जून से 1 जुलाई 2026 तक नियमित सेवाएं पूरी तरह बंद रहीं। अब 2 जुलाई से दुबई और अबू धाबी में सुबह 9 बजे से दोपहर 12:30 बजे तक ‘पहले आओ-पहले पाओ’ के आधार पर सीमित वॉक-इन सेवाएं शुरू की गई हैं। पिछले 17 सालों में पहली बार ऐसा हुआ है कि लोगों को सीधे दूतावास की लाइनों में लगना पड़ रहा है।

दिल्ली हाई कोर्ट ने इस मामले की अगली सुनवाई 13 जुलाई 2026 तक के लिए टाल दी है। सुप्रीम कोर्ट ने भी पहले इस मामले में ‘यथास्थिति’ (status quo) बनाए रखने का आदेश दिया था। इस बीच, 1 जुलाई 2026 से पूरे UAE में पासपोर्ट सेवाओं की फीस में भी बदलाव किया गया है। भारतीय मिशन ने लोगों को सलाह दी है कि वे दूतावास जाने से पहले आधिकारिक अपडेट जरूर चेक कर लें। इमरजेंसी सेवाओं के लिए दूतावास सीधे तौर पर काम संभाल रहे हैं।