UAE में बारिश बढ़ाने के लिए किया गया क्लाउड सीडिंग का इस्तेमाल, तापमान 50 डिग्री पहुंचने के बावजूद हुई बारिश
World : संयुक्त अरब अमीरात (UAE) में हाल ही में हुई गर्मियों की बारिश को बढ़ाने के लिए नेशनल सेंटर ऑफ मेट्रोलॉजी (NCM) ने क्लाउड सीडिंग का सहारा लिया। देश में तापमान 50 डिग्री सेल्सियस के करीब पहुंचने के बावजूद नमी और वा
World : संयुक्त अरब अमीरात (UAE) में हाल ही में हुई गर्मियों की बारिश को बढ़ाने के लिए नेशनल सेंटर ऑफ मेट्रोलॉजी (NCM) ने क्लाउड सीडिंग का सहारा लिया। देश में तापमान 50 डिग्री सेल्सियस के करीब पहुंचने के बावजूद नमी और वायुमंडलीय अस्थिरता की वजह से बादल बने, जिन्हें कृत्रिम तरीके से बारिश में बदला गया।
NCM ने पुष्टि की है कि पिछले कुछ दिनों में क्लाउड सीडिंग ऑपरेशन चलाए गए, जिसका सबसे ज्यादा असर 30 जुलाई 2026 को देखने को मिला। इस साल की शुरुआत से अब तक UAE ने करीब 80 क्लाउड सीडिंग मिशन पूरे कर लिए हैं। यह प्रोग्राम 1990 के दशक के अंत में शुरू हुआ था और इसका मकसद प्राकृतिक बारिश की मात्रा को बढ़ाना है।
NCM के अधिकारियों, जिनमें डॉ. मोहम्मद अल अबरी और डॉ. अहमद हबीब शामिल हैं, ने बताया कि यह काम किसी तय समय पर नहीं बल्कि बादलों की स्थिति देखकर किया जाता है। केवल उन्हीं बादलों को टारगेट किया जाता है जिनमें ऊपर की ओर हवा का बहाव और वर्टिकल डेवलपमेंट होता है। ओमर अल यजीदी ने साफ किया कि इसका लक्ष्य केवल बादलों को ज्यादा बारिश करने में मदद करना है।
विशेषज्ञों के मुताबिक, सही हालात होने पर क्लाउड सीडिंग से किसी खास बादल से होने वाली बारिश में 25 प्रतिशत तक की बढ़ोतरी हो सकती है। यह तकनीक जलवायु परिवर्तन से लड़ने और पानी की कमी को दूर करने के लिए जरूरी मानी जा रही है। UAE इसके लिए NASA और अमेरिका के नेशनल सेंटर फॉर एटमॉस्फेरिक रिसर्च जैसे ग्लोबल संस्थानों के साथ मिलकर काम कर रहा है।
अब UAE नई तकनीकों की भी टेस्टिंग कर रहा है, जिसमें बादलों में सीधे इलेक्ट्रिक चार्ज भेजने का तरीका शामिल है। साथ ही, बादलों की स्थिति को रियल-टाइम में समझने के लिए AI (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस) का इस्तेमाल किया जा रहा है। नैनोमटेरियल सीडिंग एजेंट भी तैयार किए गए हैं, जो पुराने तरीकों के मुकाबले तीन गुना ज्यादा असरदार बताए जा रहे हैं।
मौसम विभाग के अनुसार, 30 जुलाई के बाद यह सिस्टम धीरे-धीरे कमजोर होकर दक्षिण की ओर बढ़ेगा, हालांकि अल ऐन और पश्चिमी इलाकों में आने वाले दिनों में छिटपुट बारिश हो सकती है।