UAE में आसमान में दिखेगा अद्भुत नजारा, साल 2026 में होंगे कई उल्कापात और सुपरमून

World : संयुक्त अरब अमीरात (UAE) में रहने वाले लोग और अंतरिक्ष प्रेमी आने वाले समय में आसमान में कई शानदार नजारे देख सकेंगे। यहाँ उल्कापात (Meteor Showers) और सुपरमून जैसी कई बड़ी खगोलीय घटनाएं होने वाली हैं। दुबई एस्ट्र

World : संयुक्त अरब अमीरात (UAE) में रहने वाले लोग और अंतरिक्ष प्रेमी आने वाले समय में आसमान में कई शानदार नजारे देख सकेंगे। यहाँ उल्कापात (Meteor Showers) और सुपरमून जैसी कई बड़ी खगोलीय घटनाएं होने वाली हैं। दुबई एस्ट्रोनॉमी ग्रुप (DAG) जैसे संगठन इन घटनाओं को देखने के लिए खास प्रोग्राम भी आयोजित कर रहे हैं।

खगोलशास्त्रियों के मुताबिक, शहर की रोशनी से दूर अंधेरे इलाकों में इन घटनाओं को सबसे साफ देखा जा सकेगा। अबू धाबी सरकार ने इसके लिए ‘डार्क स्काई पॉलिसी’ भी लागू की है, ताकि रात के समय आसमान की विजिबिलिटी बनी रहे और लाइट पॉल्यूशन कम हो। इस पॉलिसी के तहत सार्वजनिक इमारतों और सड़कों की लाइटिंग में बदलाव किए गए हैं और आधी रात के बाद गैर-जरूरी लाइटें बंद करने का नियम बनाया गया है।

साल 2026 और 2027 के लिए मुख्य घटनाओं की सूची नीचे दी गई है:

इवेंट का नाम तारीख/समय खास बात
पर्सीड्स उल्कापात 2026 12-13 अगस्त प्रति घंटे 50 से 100 उल्काएं दिखीं
आंशिक चंद्र ग्रहण 28 अगस्त 2026 अरब क्षेत्र के बड़े हिस्से में दिखेगा
लियोनिड्स उल्कापात 2026 17 नवंबर 2026 अल कुद्रा डेजर्ट में आयोजन होगा
बीवर मून (सुपरमून) 24 नवंबर 2026 आसमान में बड़ा और चमकीला चांद दिखेगा
जेमिनिड्स उल्कापात 2026 13-14 दिसंबर 2026 प्रति घंटे 120-150+ उल्काएं दिख सकती हैं
कोल्ड सुपरमून 2026 24 दिसंबर 2026 2019 के बाद का सबसे चमकीला सुपरमून होगा
आंशिक सूर्य ग्रहण 2 अगस्त 2027 दुबई में लगभग 53% कवरेज होगी

इंटरनेशनल एस्ट्रोनॉमी सेंटर के डायरेक्टर मोहम्मद शौकत ओदेह ने बताया कि 2026 में कई शानदार घटनाएं होंगी। उन्होंने सोशल मीडिया पर चल रही उन खबरों को गलत बताया जिसमें पांच ग्रहों के एक साथ दिखने का दावा किया गया था। वहीं, दुबई एस्ट्रोनॉमी ग्रुप के अधिकारियों ने सलाह दी है कि उल्कापात देखने के लिए किसी टेलिस्कोप या दूरबीन की जरूरत नहीं होती, इसे आंखों से आसानी से देखा जा सकता है।

विशेषज्ञों ने लोगों को सलाह दी है कि वे अंधेरे में अपनी आंखों को ढलने के लिए 20-30 मिनट का समय दें। साथ ही, रेगिस्तानी इलाकों में जाते समय सावधानी बरतें और पानी के स्रोतों से दूर रहें ताकि जंगली जानवरों का खतरा न रहे।