Typhoon Bavi का कहर, चीन में 2.6 लाख लोग घर छोड़ने को मजबूर, कई शहरों में स्कूल-दफ्तर बंद
World : प्रशांत महासागर में उठे तूफान Bavi ने तबाही मचाना शुरू कर दिया है। भारी बारिश और बाढ़ की वजह से चीन के लियाओनिंग प्रांत से अब तक 2.6 लाख से ज्यादा लोगों को सुरक्षित जगहों पर पहुंचाया गया है। प्रशासन ने आपातकालीन
World : प्रशांत महासागर में उठे तूफान Bavi ने तबाही मचाना शुरू कर दिया है। भारी बारिश और बाढ़ की वजह से चीन के लियाओनिंग प्रांत से अब तक 2.6 लाख से ज्यादा लोगों को सुरक्षित जगहों पर पहुंचाया गया है। प्रशासन ने आपातकालीन योजनाएं लागू कर दी हैं और बेघर हुए परिवारों के लिए शेल्टर होम खोले गए हैं।
यह तूफान 1 जुलाई 2026 को बना था और 3 जुलाई तक यह एक सुपर टाइफून में बदल गया। इसने सबसे पहले उत्तरी मारियाना द्वीप और गुआम में तबाही मचाई, जिसके बाद यह चीन के झेजियांग तट से टकराया। अब यह तूफान उत्तर की ओर बढ़ रहा है और कोरियाई प्रायद्वीप की तरफ जा रहा है। चीन के मौसम विभाग ने भारी बारिश के लिए रेड अलर्ट जारी किया है और कई इलाकों में सड़कों पर पानी भर गया है।
चीन के लियाओनिंग प्रांत के फुशुन शहर में सबसे ज्यादा असर देखा गया है, जहां लाखों लोगों को हटाया गया। शेनयांग जैसे बड़े शहरों में सोमवार, 13 जुलाई को सभी स्कूल, किंडरगार्टन और ट्रेनिंग सेंटर बंद रहे। साथ ही निर्माण कार्यों और नाइट मार्केट पर भी रोक लगा दी गई है। परिवहन सेवाएं पूरी तरह ठप हो गई हैं और कई फ्लाइट्स को रद्द करना पड़ा है। बाढ़ का स्तर इतना बढ़ गया कि शेनयांग में एक लाइटहाउस की हाई-वोल्टेज पावर लाइन टूटकर पानी में बहती हुई दिखी।
सिर्फ चीन ही नहीं, बल्कि ताइवान और जापान के इलाकों में भी इस तूफान का असर रहा है। ताइवान के मौसम विभाग ने इसे 1987 के बाद का सबसे बड़ा तूफान बताया है। विशेषज्ञों का कहना है कि इस तूफान का गर्म कोर सुरक्षित रहने की वजह से यह काफी समय तक टिका रहा और उत्तर की ओर बढ़ते हुए भी अपनी ताकत बनाए रखा। फिलहाल बचाव कार्य जारी हैं और लोगों को मौसम की चेतावनी मानने की सलाह दी गई है।