Trump का बड़ा ऐलान, Strait of Hormuz में लगाएंगे नाकाबंदी और मांगेंगे 20% फीस
World : अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति Donald Trump ने मिडिल ईस्ट की राजनीति और तेल बाजार को लेकर एक बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि अमेरिका अब तेल के लिए मिडिल ईस्ट पर निर्भर नहीं है और वह इस क्षेत्र में केवल अपने साथिय
World : अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति Donald Trump ने मिडिल ईस्ट की राजनीति और तेल बाजार को लेकर एक बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि अमेरिका अब तेल के लिए मिडिल ईस्ट पर निर्भर नहीं है और वह इस क्षेत्र में केवल अपने साथियों की मदद के लिए मौजूद है। अब Trump चाहते हैं कि अमीर खाड़ी देश सुरक्षा के बदले अमेरिका को पैसा दें।
13 जुलाई 2026 को Trump ने घोषणा की कि अमेरिका Strait of Hormuz में ईरानी जहाजों की नाकाबंदी फिर से शुरू करेगा। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि इस रास्ते से गुजरने वाले अन्य सभी कार्गो जहाजों से 20% फीस ली जाएगी। Trump ने अमेरिका को इस जलमार्ग का ‘GUARDIAN’ बताया है और इसे सुरक्षा खर्च की भरपाई के तौर पर पेश किया है। उन्होंने खास तौर पर Saudi Arabia, UAE, Qatar, Bahrain और Kuwait जैसे देशों का नाम लिया और कहा कि इन अमीर देशों को सुरक्षा के बदले Washington को भुगतान करना चाहिए।
यह कदम ऐसे समय में आया है जब अमेरिका और ईरान के बीच तनाव बढ़ा है और दोनों तरफ से हमले हुए हैं। हालांकि, जून 2026 में अमेरिका और खाड़ी देशों के बीच हुए एक समझौते में किसी भी तरह की फीस या टैरिफ लगाने का विरोध किया गया था, जिससे Trump का यह प्रस्ताव उस पुराने वादे के खिलाफ जाता है। खाड़ी देशों ने इस बात पर नाराजगी जताई है कि अमेरिका ने बिना किसी तालमेल के ईरान के साथ विवाद शुरू कर दिया, जिसका असर उन पर पड़ रहा है।
वहीं तेल की आजादी के दावे पर जानकारों की राय अलग है। Experts का कहना है कि भले ही अमेरिका तेल का बड़ा निर्यातक बन गया है, लेकिन वह पूरी तरह स्वतंत्र नहीं है। दुनिया के किसी भी हिस्से में तेल की कमी होने पर अमेरिका में भी पेट्रोल और डीजल की कीमतें बढ़ जाती हैं। University of Houston और अन्य संस्थाओं के विश्लेषकों के मुताबिक, जब तक अमेरिका पूरी तरह रिन्यूएबल एनर्जी की तरफ नहीं बढ़ता, तब तक वह वैश्विक बाजार के उतार-चढ़ाव से बचा नहीं रह सकता।
आने वाले समय में Trump और इराक के प्रधानमंत्री Ali al-Zaidi की मुलाकात होनी है, जिसमें ऊर्जा प्रोजेक्ट्स और इस नई पॉलिसी के लागू होने पर चर्चा होगी। दूसरी तरफ, UAE और इराक अब ऐसे नए रास्ते बना रहे हैं जिससे उन्हें Strait of Hormuz पर निर्भर न रहना पड़े।