Trump ने किया खुलासा, खतरे के बाद बदला था विमान; 2000 में मुंबई से भी ऐसा ही तरीका अपनाकर पाकिस्तान गए थे Bill Clinton
World : अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने हाल ही में एक बड़े सुरक्षा ऑपरेशन की जानकारी दी है। उन्होंने बताया कि सुरक्षा कारणों और मिले खतरों की वजह से उन्हें अपना विमान बदलना पड़ा था। यह मामला चर्चा में तब आया जब ट्
World : अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने हाल ही में एक बड़े सुरक्षा ऑपरेशन की जानकारी दी है। उन्होंने बताया कि सुरक्षा कारणों और मिले खतरों की वजह से उन्हें अपना विमान बदलना पड़ा था। यह मामला चर्चा में तब आया जब ट्रंप ने खुद मंगलवार को इसकी पुष्टि की। दिलचस्प बात यह है कि ऐसा ही एक तरीका साल 2000 में पूर्व राष्ट्रपति बिल क्लिंटन ने मुंबई से पाकिस्तान जाते समय अपनाया था।
जुलाई 2026 में तुर्की के अंकारा में नाटो समिट के बाद डोनाल्ड ट्रंप के साथ यह घटना हुई। रिपोर्ट्स के मुताबिक, ट्रंप पहले पुराने Air Force One (Boeing 747) में सवार हुए ताकि कैमरों में दिखें। इसके बाद उन्हें चुपके से एक एयरपोर्ट कैटरिंग ट्रक के जरिए छोटे US Air Force C-32A विमान में शिफ्ट कर दिया गया, जिससे वे ब्रिटेन पहुंचे। पुराना विमान, जिसमें पत्रकार और कुछ स्टाफ थे, उन्हें धोखा देने के लिए आगे बढ़ा। इस दौरान पत्रकारों को खिड़कियों के पर्दे बंद रखने को कहा गया था। व्हाइट हाउस के कम्युनिकेशंस डायरेक्टर स्टीवन चेन्ग ने कहा कि प्रशासन खतरों से निपटने के लिए इस तरह के ‘भटकाव’ वाले तरीकों का इस्तेमाल करता है। बताया गया कि यह कदम ईरान से मिले एक गंभीर खतरे के बाद उठाया गया था।
इस घटना ने साल 2000 की याद दिला दी जब बिल क्लिंटन मुंबई से पाकिस्तान गए थे। उस समय भी सुरक्षा के लिए एक ‘डमी’ विमान का इस्तेमाल किया गया था। क्लिंटन मुंबई एयरपोर्ट पर एक बड़े सैन्य विमान में चढ़े थे, लेकिन असल में वे एक बिना निशान वाले Gulfstream जेट में चले गए थे। वहीं, अमेरिकी निशान वाला एक दूसरा विमान decoy के तौर पर पाकिस्तान की ओर रवाना हुआ। जब वे इस्लामाबाद पहुंचे, तो पहले डमी विमान उतरा और उसमें से क्लिंटन जैसा दिखने वाला एक एजेंट बाहर आया, जबकि असली राष्ट्रपति बाद में दूसरे विमान से उतरे।
इन दोनों घटनाओं में एक बड़ा अंतर यह रहा कि बिल क्लिंटन के समय एक पत्रकार सुसान पेज को इस ऑपरेशन की जानकारी पहले ही दे दी गई थी। लेकिन ट्रंप के मामले में साथ यात्रा कर रहे पत्रकारों को इस बात की खबर नहीं थी कि राष्ट्रपति उनके विमान में नहीं हैं। इस बात पर काफी विवाद हुआ है और सीनेट माइनॉरिटी लीडर चक शुमर ने इस पूरे मामले पर कांग्रेस की ब्रीफिंग मांगी है।